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केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी बोले,नई शिक्षा नीति में रोजगार और ज्ञानवृद्धि के साथ चरित्र निर्माण पर भी बल

कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने नई शिक्षा नीति और राफेल के आगमन को बताया ऐतिहासिक उपलब्धियां

Namit Tyagi
  • Jul 31 2020 7:49AM
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने गुरुवार को मोदी सरकार द्वारा जारी नई शिक्षा नीति के बारे में कहा कि इससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि अब पूरे देश में उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ही रेगुलेटरी बॉडी होगी। इससे शिक्षा क्षेत्र में अव्यवस्था को खत्म किया जा सकेगा। केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति अच्छा ज्ञान भी देगी, हुनर भी देगी, रोजगार भी मिलेगा और उसके साथ-साथ अच्छा इंसान भी तैयार होगा। श्री कैलाश चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति से रटाने के बजाय छात्र ने ज्यादा समझा कि नहीं इस पर बल दिया जाएगा।

कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा, 'सभी बच्चे प्रतिभाशाली होते हैं, लेकिन अब तीन से आठ साल की उम्र तक ना परीक्षा होगी, ना कोई पाठ्यक्रम होगा, ना किताब होगी। अब उन्हें सिर्फ खेल खेल में ही सिखाया जाएगा। कोई भी बच्चा बीच में स्कूल ना छोड़े, इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार का मकसद सौ फीसद लोगों को शिक्षित करना है।'

राफेल मिलने से रक्षा मामलों में बढ़ेगी भारत की ताकत : फ्रांस से कल पांच राफेल विमानों के भारत पहुंचने के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि इससे भारतीय वायुसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा। हवा से हवा में और हवा से जमीन पर वार करने की क्षमता पाकिस्तान और चीन के मुकाबले भारत की काफी बढ़ जाएगी। कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि भारत के लिए राफेल काफी जरूरी है। भारत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें कुछ अतिरिक्त फीचर्स भी जोड़े गए हैं। भारत के सैन्य इतिहास में यह एक नए युग की शुरुआत है।

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1 Comments

मंत्री महोदय को सादर अभिनन्दन - क्या शिक्षा नीति में नौकर बनाने के अतिरिक्त धर्म परायण व् संस्कारित नागरिकों के निर्माण की भी कोई रूपरेखा है? यथा कक्षा १-५ तक रामायण / महाभारत / गीता और अन्य धार्मिक ज्ञान। कक्षा ५-८ तक वेद / पुराण इत्यादि का ज्ञान साथ ही भारत के स्वर्णिम इतिहास का अध्ययन। कक्षा ९-११ तक उपरोक्त सभी का विशेष अध्ययन। साथ ही कुटीर उद्योग का भी अनुभव कक्षा ५ से कक्षा १० तक देना अनिवार्य। कक्षा १२-से स्नातक तक मिलिट्री शिक्षा एवं तत्पश्चात २ वर्ष अनिवार्य रूप से सेना में काम करने का अनुभव ----- आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है की यदि उपरोक्त सुझाओं को लागू किया जाए तो हम स्वावलम्बी नागरिक बना पाएंगे ----- धन्यवाद

  • Guest
  • Aug 4 2020 12:23:06:947PM

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