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22 अप्रैल - आज ही सुरेश चव्हाणके जी की भारत बचाओ यात्रा का हुआ था दिल्ली में भव्य समापन और रामलीला मैदान से लिया जनसंख्या नियंत्रण कानून का संकल्प बन गया राष्ट्र की आवाज.

सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की आबादी 1,210,193,422 है, जिसका अर्थ है कि भारत ने एक अरब के आंकड़े को पार कर लिया है

Sudarshan News
  • Apr 22 2020 1:03PM
ठीक २ साल पूरे हो गये हैं आज उस महाभियान को जिसको ले कर सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान सम्पादक व् राष्ट्र निर्माण संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चव्हाणके जी ने पूरे भारत की प्र्दाक्षिना की थी. वो मांग आगे चल कर खुद प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी तक ने दोहराई और इस से उसकी सार्थकता भी बढ़ी. गाँव – गाँव और घर घर तक जा कर सुरेश चव्हाणके जी जम्मू से कन्याकुमारी तक जनता को जागरूक किया. आज वही मांग राष्ट्रीय मांग बन चुकी है और हर कोई वर्तमान हालातों के चलते सुरेश चव्हाणके जी के जनसंख्या नियंत्रण कानून को देश की पहली जरूरत मानने लगा है. भारत का हर कोना, हर नुक्कड़, ज्यादा आबादी होने का जीता जागता उदाहरण है। चाहे आप कहीं भी हों मेट्रो स्टेशन, हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन, सड़क, हाईवे, बस स्टाॅप, अस्पताल, शाॅपिंग माॅल, बाजार, मंदिर या फिर कोई सामाजिक या धार्मिक समारोह, आप इन सब जगहों को दिन के किसी भी समय भीड़ से भरा देख सकते हैं। इससे साफ पता चलता है कि देश में जनंसख्या कितनी ज्यादा है।

सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की आबादी 1,210,193,422 है, जिसका अर्थ है कि भारत ने एक अरब के आंकड़े को पार कर लिया है। यह चीन के बाद दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है और विभिन्न अध्ययनों से यह पता चला है कि सन् 2025 तक भारत चीन को भी पछाड़ देगा और विश्व का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा। इस तथ्य के बावजूद कि यहां जनसंख्या नीतियां, परिवार नियोजन और कल्याण कार्यक्रम सरकार ने शुरु किए हैं और प्रजनन दर में लगातार कमी आई है पर आबादी का वास्तविक स्थिरीकरण केवल 2050 तक ही हो पाएगा।

अगर जल्द ही इस देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून नहीं बनाया गया तो इस देश के लिए बढ़ती जनसंख्या विनाश का कारण बन सकती है। अफसोस की बात तो यह है कि इस कानून को कुछ कट्टरपंथी अपना मज़हबी अधिकार बता कर हंगामा मचा रहे हैं . देश की बढ़ती जनसंख्याा को पर नियंत्रण लगाने के लिए भारत सरकार को जल्दक ही सख्ती कानून बनाना चाहिए। समय रहते जनसंख्याा विस्फोलट को रोका नहीं गया तो आने वाली पीढियां खाद्यान्नज, जल सहित कई प्राथमिक संसाधनों और रोजगार के लिए तरसेगी। खतरा इस बात का भी है कि अभी ही देश में बहुत ज्याकदा गरीबी और बेरोजगारी है। इस बात का इंतजार है कि भारत भी चीन की तरह ही जल्द  ही एक बच्चाो नीति को कानून के रूप में लागू करेगा।
हमारे देश में 1960 के दशक के शुरू में एक आधिकारिक परिवार नियोजन कार्यक्रम लागू किया था। विश्व में ऐसा करने वाला भारत पहला देश था। मगर सरकार के लाख प्रयासों और देश के बजट का एक बड़ा भाग खर्च करने के बावजूद इस क्षेत्र में वांछित परिणाम हासिल नहीं किए जा सके। देश की आबादी आजादी के बाद चार गुना बढ़ गई। इसका कारण ये था कि केवल एक वर्ग ने अपनी आबादी को रोकने के लिए हर प्रयास किये लेकिन बच्चे ऊपर वाले की देन है जैसी बातें करने वाले तमाम मजहबी कट्टरपन्थियो ने इसको किसी भी समय नहीं माना और हिन्दू आबादी तेजी से घटती चली घई और वहीँ मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ी और कई स्थल ऐसे बन गये जहाँ अन्य मत धर्म के लोगों का दुश्वार हो गया .

ऊपर के तमाम चुनौतीयो को भांप कर ही राष्ट्र निर्माण संस्था के अध्यक्ष श्री सुरेश चव्हाण जी की जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के लिए 18 फरवरी से 22 अप्रैल तक पूरे भारत की 20,000 किलोमीटर की यात्रा पर पूरा राष्ट्र भ्रमण करते हुए आख़िरकार आज अर्थात २२ अप्रैल २०१८ को नई दिल्ली में अपनी भारत बचाओ यात्रा का समापन किये थे.  जिसमे देश के हर हिस्से से लोगों का जमावडा लगा था. इसमें कई अप्रवासी मेहमान भी आये थे जो विदेश में रह कर भी भारत भूमि के प्रति अथाह प्रेम रखते हैं और अपनी मातृभूमि को किसी भी हाल में आक्रान्ताओं के हाथ में न जाने देने के प्रति संकल्पित थे . सुरेश चव्हाणके जी ने भी उन सबका सबका स्वागत किया था जो 10 करोड़ के हस्ताक्षर युक्त अभिलेख भारत की सरकार को देने और इस बेहद जरूरी क़ानून को पास करवाने के लिए भरी जाने वाली हुंकार में उस दिन दिल्ली के रामलीला मैदान में शाम 5 बजे जमा हुआ थे.. इसमें कई केन्द्रीय मंत्री और अन्य जनसेवको के साथ सामाजिक , फिल्म क्षेत्र से जुड़े लोग भी थे.  .. आइये और बनिये गवाह भारत में होने वाले इस अभूतपूर्व और बेहद जरूरी परिवर्तन के जिसके बिना भविष्य में हिन्दुओ के अस्तित्व पर सवालिया निशान लग सकता है .

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