सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सहयोग करे

Donation

राजस्थान में सियासी हलचल के बीच डूडी आखिर क्यों नही बन पाए कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष, जाने क्या रहा कारण?

राजस्थान की सियासत में प्रदेश अध्यक्ष की रेस में क्यों पीछे रह गए रामेश्वर लाल डूडी

Namit Tyagi, twitter, @NamitTyagi1
  • Jul 15 2020 10:54PM
राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष बनने की रेस में रामेश्वर डूडी एक बार फिर बहुत कम फासले से रहे गए गोविंदसिंह डोटासरा को प्रदेशाध्यक्ष बनाने से पहले कई बार अशोक गहलोत से पूछा गया होगा तो बतौर जाट रामेश्वर डूडी का नाम भी उभरा होगा। डूडी का दावा भी है और कांग्रेस की पिछली कई बैठकों में उन्हें मान-सम्मान भी पूरा मिलता रहा है। अगर कांग्रेस के किसी मंच पर चार लोग बैठे हैं तो उनमें अशोक गहलोत, सचिन पायलट, अविनाश पांडे के अलावा चौथा नाम रामेश्वर डूडी का ही रहा,लेकिन आखिर क्या वजह रही कि डोटासरा आगे निकल गए। उम्र और अनुभव में डूडी से कम डोटासरा के पास पहली योग्यता उनका तेज-तर्रार होना बताई जा रही है, जो डूडी में भी कम नहीं है। वे भी वाकपटु हैं। इसके अलावा अगर जाट होना ही डोटासरा का बड़ा राजनीतिक पक्ष है तो यह कौन भूल सकता है कि डूडी एक जाट नेता के रूप में प्रतिष्ठा भी प्राप्त कर चुके हैं। लेकिन डोटासरा ने जिस समर्पण और निष्ठा का परिचय दिया, वह रामेश्वर डूडी नहीं दे सके और इस लड़ाई में पिछड़ गए। उन्होंने अपना विरोध भले ही सचिन पायलट के स्तर का नहीं दिखाया हो, लेकिन वक्त-बेवक्त आंखें दिखाने में कमी नहीं रखी। विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण के दौरान उनका कागज फेंक देना और फिर आरसीए के चुनाव में चुनाव लडऩा, डूडी के ऐसे कदम साबित हो गए, जिसमें वे डोटासरा से मात खा गए।

ताज़ा खबरों की अपडेट अपने मोबाइल पर पाने के लिए डाउनलोड करे सुदर्शन न्यूज़ का मोबाइल एप्प

0 Comments

संबंधि‍त ख़बरें

ताजा समाचार