सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सहयोग करे

Donation

कोरोना संक्रमण के 80 फीसदी मामले केवल इन 5 राज्यों से

शुक्रवार दोपहर को स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 80 फीसदी केस केवल पांच राज्यों से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने लॉकडाउन के कारण इस वायरस को कुछ जगहों पर ही कैद कर दिया है और अब हमको वहां से भी खत्म करना है।

Abhishek Lohia
  • May 23 2020 2:37AM

कोरोना वायरस का संक्रमण हर रोज बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना पॉजिटिव केस के मामले कम होने की बजाय हर दिन उनकी संख्या में इजाफा होता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पूरे भारतमें संक्रमण के 6,088 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,18,447 हो गई है। वहीं शुक्रवार दोपहर को स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 80 फीसदी केस केवल पांच राज्यों से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने लॉकडाउन के कारण इस वायरस को कुछ जगहों पर ही कैद कर दिया है और अब हमको वहां से भी खत्म करना है। अधिकारियों ने तमाम रिसर्चों का हवाला देते हुए बताया कि अगर लॉकडाउन का फैसला समय रहते न लिया होता तो संक्रमण के मामले 14 से 29 लाख तक पहुंच जाते वहीं मौत का आंकड़ा 37 हजार से 78 हजार तक हो गया होता।

केवल पांच राज्यों से मामले
नीति आयोग के अधिकार प्राप्त समूह एक के अध्यक्ष और सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी. के. पॉल ने कहा कि कोरोना वायरस के मामलों में चार अप्रैल से काफी कमी आई है, जब लॉकडाउन के कारण मामलों की संख्या में बढ़ोतरी पर लगाम लगी। पॉल ने कहा कि भारत में कोविड-19 के मामले कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित रहे और 80 फीसदी सक्रिय मामले सिर्फ पांच राज्यों में हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से मौत के करीब 80 फीसदी मामले महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में रहे हैं।

लाखों लोगों को संक्रमण से बचाया
श्रीवास्तव ने बताया कि सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों सहित कुछ स्वतंत्र विशेषज्ञों ने आकलन किया है कि लॉकडाउन के कारण संक्रमण के 15.9 लाख मामले और 51 हजार मौतों को रोका जा सका है। उन्होंने कहा कि सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय तथा भारतीय सांख्यिकीय संस्थान के संयुक्त अध्ययन में पाया गया कि लॉकडाउन के कारण कोविड-19 से संक्रमण के करीब 20 लाख मामले और 54 हजार मौतों को रोका जा सका है। अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कोविड-19 से संक्रमण के 14 लाख से 29 लाख मामले रोके जा सके तथा 37 हजार से 78 हजार के बीच लोगों की जिंदगियां बचाई जा सकीं।

मृत्यू दर में आई कमी
अग्रवाल ने बताया कि कोविड-19 के कारण मृत्यु दर 19 मई को 3.13 फीसदी से कम होकर 3.02 फीसदी हो गई है क्योंकि अब ध्यान इसे रोके जाने के उपायों और मामलों के क्लीनिक प्रबंधन पर है। आईसीएमआर के एक अधिकारी के मुताबिक शुक्रवार को दोपहर एक बजे तक कोविड-19 के लिए 27 लाख 55 हजार 714 जांच किए गए हैं जिसमें एक लाख तीन हजार 829 जांच एक दिन में किए गए। अधिकारी ने बताया कि पिछले चार दिनों में हर दिन कोविड-19 के एक लाख से अधिक जांच किए गए हैं। वी. के. पॉल ने कहा कि कोरोना वायरस के मामलों में चार अप्रैल से काफी कमी आई है, जब लॉकडाउन के कारण मामलों की संख्या में बढ़ोतरी पर लगाम लगी।

ताज़ा खबरों की अपडेट अपने मोबाइल पर पाने के लिए डाउनलोड करे सुदर्शन न्यूज़ का मोबाइल एप्प

कोरोना के कारण पीड़ित गरीब लोगो के लिए आर्थिक सहयोग

Donation
0 Comments

संबंधि‍त ख़बरें

ताजा समाचार