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संतो के लिए सुरक्षित नहीं रहा महाराष्ट्र ? पालघर में 2 संतों की निर्ममता से हत्या के बाद दहल उठा देश

कभी वो समय भी हुआ करता था जब देश भर के और दुनिया भर के प्रताड़ित साधू , संत और हिन्दू समाज के लोग महाराष्ट्र के गौरवशाली योद्धाओं से सुरक्षा पाते थे.

Sudarshan News
  • Apr 19 2020 1:37PM

कभी वो समय भी हुआकरता था जब देश भर के और दुनिया भर के प्रताड़ित साधू , संत और हिन्दू समाज के लोगमहाराष्ट्र के उन गौरवशाली योद्धाओं से सुरक्षा पाते थे जिनकी भुजाओं और तलवारोंके दम पर अब तक हिन्दू संस्कृति अपने मूल रूप में बची हुई है. ध्यान देने योग्य हैकि कभी संतो को सम्मान और सुरक्षा देने वाले महाराष्ट्र के पालघर स्थित तलासरीअहमदाबाद हाईवे पर  साधु-संतों कीगाड़ी पर कुछ संदिग्ध लोगों ने भीषण और सोच समझ कर ऐसा हमला किया कि उसमे २ संतोकी हत्या हो गई और उन्हें ले जा रहा ड्राइवर भी उसी हमले में मारा गया है.

 

इस मामले से मचेहडकम्प के बाद अब तक पुलिस ने कुल 110  दोषियों पर अभियोग पंजीकृत कर केकार्यवाही की है. मिल रही जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के पालघर स्थित तलासरी गावमे अहमदाबाद नेशनल हाईवे से गुजरात की तरफ भगवान का भजन करते हुए गुज़र रहे साधुमहात्माओं के वाहन को रोक कर उन पर घात लगा कर जानलेवा हमला किया गया है . इसजानलेवा हमले की चपेट में आ कर अब तक २ संत और एक ड्राइवर की मौत हो चुकी है औरकुछ घायल हुए हैं जिनका इलाज़ करवाया जा रहा है. महाराष्ट्र में इस से पहले संतो कोनिशाना बनाने की ऐसी घटना बहुत कम देखने को मिली थी.  

 

 

ध्यान ये भी देने योग्य है कि दो दिनपहले मुंबई के दहिसर से दो संत जो आपने गुरुभाई संत रामगिरी महाराज जी का सूरत मेउनके आश्रम में निधन हो गया. उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके श्रीसुशील गिरी व उनके ज्येष्ठ गुरु चिकना बाबा अपने ड्राइवर के साथ अहमदाबाद नेशनलहाईवे इलाके से गुज़र रहे थे कि आगे पालघर स्थित तलासरी कासा गांव में गाड़ी रुकवा करकुछ गुंडे चोरी छिनैती के इरादे से चोर - चोर चिल्लाकर उन संतो को धारदार हथियार,लकड़ी तलवार से हमला करना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं , उनके पास जो भी नकदी थीउसको भी छीन लिया गया. लाक डाउन में पुलिस की गश्त की पोल भी यहाँ खुलती दिखाई दीक्योकि इस पूरे हंगामे में काफी देर तक पुलिस का कोई नामोनिशान तक नहीं था.

 

जब शोर ज्यादा मचा तो घटना स्थल परपहुंच कर पुलिस ने उन संतो को कुछ देर तक स्थानीय पुलिस चौकी में रखा फिर अपनी जीपमें बिठाया. फिर भी हमलावरों ने पोलिस से हाथापाई कर सभी संतो को हथियारों से तबतक मारा जब तक उनके प्राण पखेरू नहीं उड़ गये .. बताया ये भी जा रहा है कि पुलिस अगरउन दोनों संतो को और कुछ समय तक पुलिस चौकी के अंदर बैठा कर रखती और कंट्रोल रूमसे अतिरिक्त पुलिस बल की मदद मांगती तो उन सभी संतो की जान बच सकती थी. इसी केचलते कहीं न कहीं इस घटना मे महाराष्ट्र पुलिस की भूमिका के ऊपर भी एक बहुत बड़ासवाल खड़ा हो रहा है.

 

पुलिस द्वारा बताया गया कि अभी तक 110 लोगों के ऊपर मामलादर्ज किया गया है लेकिन  गुंडों पर मामला दर्ज करके थोड़ी ना वापिस इन संतों की जान चलीआएगी इन संतों के शव को देने के लिए भी पुलिस ने बहुत ही सवाल जवाब साधु संतों सेकरवाने की भी खबर सामने आ रही है लेकिन 2 दिन बाद इन साधु संतों का सेव आजत्रंबकेश्वर अखाड़े के संतों को सौंपा गया है . आज इन दोनों संतो के ऊपरत्रंबकेश्वर में समाधि दी गई. हमने पुलिस से इस घटना के बारे में पूछताछ की तोपुलिस द्वारा कोई जानकारी देने से इंकार कर दिया गया.

 

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