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सावन के पवित्र महीने में भगवान भोले की प्राचीन मंदिर में अज्ञात लोगों ने की तोड़फोड़, इस क्षेत्र में धर्मांतरण होता है जोरशोर से, अब BJP ने किया कांग्रेस सरकार पर जुबानी हमला

■ छत्तीसगढ़ में भगवान भोलेनाथ के मंदिर में तोड़फोड़, लोगों में गुस्सा

योगेश मिश्रा, छत्तीसगढ़
  • Jul 11 2020 10:51PM

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश के आदिवासी इलाकों में हिन्दुओं के धर्मस्थलों, देव प्रतिमाओं और शिवलिंग को क्षत-विक्षत किए जाने की घटनाओं को षड्यंत्र का हिस्सा बताते हुए इसके पीछे काम कर रही ताकतों को पता लगाकर दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। 

श्रीवास्तव ने बस्तर संभाग में सुकमा ज़िले के दोरनापाल में दुर्गा मंदिर को क्षतिग्रस्त व हनुमान प्रतिमा को खंडित करने और सरगुजा संभाग के जशपुर ज़िले के जड़कुरकुरी से सटे झोखारी पहाड़ी पर स्थित विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में विख्यात शिवलिंग को तोड़े जाने की घटना को निंदनीय बताया।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीवास्तव ने कहा कि दोरनापाल में सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान दुर्गा मंदिर तोड़े जाने और हनुमान प्रतिमा को जेसीबी मशीन से खंडित करने की घटना ने जबर्दस्त जनाक्रोश को जन्म दिया है। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों की मानें तो मंत्री के इशारे पर एक अधिकारी ने जूते पहनकर मंदिर में प्रवेश किया और हनुमान प्रतिमा का मजाक उड़ाते हुए पहले पटक-पटककर और बाद में उसे जेसीबी से तुड़वाया। अब ग्रामीण मंदिर बनवाने और नई हनुमान प्रतिमा प्रतिष्ठित कराने की मांग कर रहे हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में जबसे कांग्रेस की सरकार आई है, मंदिरों, आस्था केंद्रों और देव-प्रतिमाओं को खंडित करने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। ये घटनाएँ राज्य गठन के तत्काल बाद के कांग्रेस शासनकाल (सन् 2000-2003) की बुरी यादों को ताज़ा करने वाली हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि विकास के नाम पर प्रदेश की मौज़ूदा कांग्रेस सरकार प्रशासन की आड़ में हिन्दुओं और आदिवासियों के मंदिरों, देवस्थलों, देव प्रतिमाओं के साथ जिस तरह अनावश्यक छेड़छाड़ कर रही है, उससे जनभावनाओं व आस्था पर गहरी चोट पहुँचने के कारण प्रदेश के सद्भावपूर्ण वातावरण के बिगड़ने की आशंका बलवती हो रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीवास्तव ने जशपुर ज़िले में शिवलिंग को तोड़े जाने की घटना को भी प्रदेश सरकार की कलंकित कार्यप्रणाली का नमूना बताते हुए कहा कि विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में प्रदेश को पहचान दिलाने वाली धरोहर को तोड़ना किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत करने वाली घटना है। देश और प्रदेश जब पुनीत श्रावण मास में शिव की आराधना में तल्लीन है, तब शिवलिंग को तोड़ा जाना कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रहा है। श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में है और वह हिन्दू समाज के धर्मस्थलों, आस्था केंद्रों व देवप्रतिमाओं के संरक्षण में बुरी तरह विफल सिद्ध हुई है। प्रदेश सरकार इस घटना की समग्र रूप से जाँच कराए कि यह घटना किस षड्यंत्र के तहत अंजाम दी गई है और इसके पीछे वे कौन लोग हैं जो हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं पर चोट कर रहे हैं? षड्यंत्रकारियों का पता लगाकर प्रदेश सरकार तत्काल दोषियों को गिरफ्तार करे। श्रीवास्तव ने कहा कि दोरनापाल और जशपुर की इन घटनाओं की भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं होगी, लोगों में यह विश्वास दृढ़ करने के लिए सरकार को जनता के बीच जाकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और प्रदेश की सद्भावना को कायम रखना चाहिए।

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