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वामपन्थी प्रशांत के सभी दांव पेंच पस्त हुए न्यायालय में.. रोहिंग्या को जाना ही होगा

रोहिंग्या की कोई रिहाई नहीं ,गद्दार प्रशांत भूषण की याचिका को सुप्रीम झटका

Khiladi
  • Apr 8 2021 7:08PM
घुसपैठि रोहिंग्या को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है ,रोहिंग्या की रिहाई को लेकर डाली गयी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा अभी किसी भी रोहिंग्या की रिहाई नहीं होगी ,साथ ही कोर्ट ने कहा है की सभी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनको बर्मा भेजा जा सकता है  ,लेकिन कोर्ट ने अपने फैसले पर एक अपवाद डाल दिया है 

कोर्ट ने कहा है की इनको तभी बर्मा भेजा जा सकता है ,तब क़ानूनी प्रक्रिया हो सकेगा वैचारिक आधार पर इसका मत बनता है की रोहिंग्याओ को तभी भेजा जा सकता है ,तब बर्मा उन्हें अपना नागरिक के रूप में स्वीकार करे ,लेकिन ऐसा कभी हो नहीं सकता ,जम्मू में 168 रोहिंग्या हिरासत में रखे गए हैं। अदालत ने कहा कि इनकी रिहाई नहीं होगी और ये होल्डिंग सेंटर में ही रहेंगे ,इस मामले की सुनवाई प्रधान न्यायधीश एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना व न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन की पीठ कर रही थी 

इस याचिका को रोहिंग्या शरणार्थी सलीमुल्लाह ने डाली थी ,जिसको लेकर आज इस याचिका की सुनवाई चल रही थी,अर्जी पर सुनवाई 26 मार्च को पूरी हो गई थ, केंद्र ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि भारत अवैध प्रवासियों की राजधानी नहीं बन सकता,

इस केस में अधिवक्ता प्रशांत भूषण है ,जिसने कोर्ट को हर दलील देने की कोशिश की ,लेकिन एक भी चल नहीं पायी ,भूषण ने कहा कि रोहिंग्या बच्चों की हत्याएं कर दी जाती है और उन्हें यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, म्यांमार की सेना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करने में नाकाम रही है, केंद्र ने दलील दी थी कि वे (रोहिंग्या) शरणार्थी नहीं है, शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता द्वारा दाखिल एक याचिका पूर्व में खारिज कर दी थी

 
भूषण दलील में जम्मू कश्मीर पुलिस पर भी आरोप सम्मत तर्क दिए है,भूषण ने कहा  जम्मू कश्मीर प्रशासन ने जम्मू में रोहिंग्या लोगों को हिरासत में लिया और जल्द ही उन्हें वापस भेज दिया जाएगा,न्यायालय में लंबित जनहित याचिका में 11 मार्च को एक अंतरिम अर्जी दाखिल कर जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या शरणार्थियों को रिहा करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया था


आपको बता दे की रोहिंग्या मुसलमानों को जम्मू कश्मीर पुलिस ने पकड़कर होल्डिंग सेंटर में डाल दिया था,जिसको लेकर देश में बैठे प्रशांत भूषण जैसे गद्दार बिलबिला गए थे ,उसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की है ,ये याचिका प्रशांत भूषण ने अधिवक्ता के रूप में डाली थी ,जिसको लेकर आज सुनवाई हुई थी ,लेकिन इसमें कोर्ट ने साफ कर दिया है की जेल में बंद कोई रोहिंग्या नहीं रिहा होगा  


रोहिंग्या मुसलमानों का इतिहास काफी क्रूर है ,जहां  भी रोहिंग्या मुसलामान जाते है ,वही पर आशंकित रूप से आतंकवाद हिंसक रूप से बलसाली हो जाता है ,शरणार्थी बनाकर गैर मुस्लिम देशों में घुसना रोहिंग्या की सबसे बड़ी फिराकत है ,

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3 Comments

Bharat ke under ek bhi Rohingya nahi rahna chahiye.Because of they are danger for nation.Prashant Bhushan Jaise logo ke karan Bharat ka yeh bad condition hai.

  • Guest
  • Apr 8 2021 8:24:30:740PM

Bharat ke under ek bhi Rohingya nahi rahna chahiye.Because of they are danger for nation.Prashant Bhushan Jaise logo ke karan Bharat ka yeh bad condition hai.

  • Guest
  • Apr 8 2021 8:24:30:480PM

Bharat ke under ek bhi Rohingya nahi rahna chahiye.Because of they are danger for nation.Prashant Bhushan Jaise logo ke karan Bharat ka yeh bad condition hai.

  • Guest
  • Apr 8 2021 8:24:30:240PM

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