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कौन है 'धनंजय सिंह' जिसे 6 थानों की फोर्स ने मिलकर किया गिरफ्तार.. छात्र राजनीति से संसद तक और अब जेल का सफ़र

अपहरण और रंगदारी के मामले में 14 दिन के लिए जेल भेजे गए पूर्व सांसद धनंजय सिंह, 6 थानों की पुलिस फोर्स ने किया गिरफ्तार, 300 करोड़ की सीवर लाइन बिछाने में रंगदारी मांगने का आरोप

रजत मिश्र, उत्तर प्रदेश
  • May 11 2020 7:34PM
बात पूर्वांचल की राजनीति की हो और उसमें बाहुबलियों का जिक्र ना हो तो राजनीति की ये कहानी अधूरी है। पूर्वांचल में जरायम की दुनिया से जुड़े ऐसे कई नाम है जो आज राजनीति के शिखर पर चमक रहे हैं। जौनपुर के पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह ऐसा ही एक नाम है। धनंजय सिंह की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। जौनपुर के एक सामान्य परिवार में जन्म लेने के बाद धनंजय सिंह ने टीडी कॉलेज से अपनी छात्र राजनीति की शुरुआत करी और फिर मंडल कमीशन का विरोध कर अपनी राजनीति को पैना किया। यह वह दौर था जब सरकारी ठेकों को लेने के लिए जबरदस्त तरीके से वसूली, रंगदारी और आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया जाता था और यहीं से धनंजय सिंह छात्र नेता से बाहुबली बनना शुरू हो गए| धनंजय सिंह पूर्वांचल के दूसरे बाहुबली अभय सिंह के संपर्क में आए जिसके बाद धनंजय सिंह का नाम अपराध की दुनिया का बड़ा नाम बनने लगा| साल 1998 तक धनंजय के नाम की सनसनी लखनऊ से लेकर पूर्वांचल तक फैल गई और पुलिस ने उन पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया।

धनंजय सिंह यूपी पुलिस के लिए सरदर्द बनते जा रहे थे अक्टूबर 1998 में पुलिस ने दावा किया कि डकैती डालने की कोशिश करने पहुंचे धनंजय सिंह और उनके चार साथियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया गया है लेकिन पुलिस के इस दावे की पोल 1999 में खुल गई जब धनंजय सिंह जिंदा सबके सामने आ गया| दरअसल धनंजय पुलिस से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गए थे आलम यह रहा कि मानवाधिकार आयोग ने उस मुठभेड़ की जांच शुरू कर दी और उसमें शामिल रहे 34 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

साल 2002 आते-आते धनंजय सिंह और उनके दोस्त अभय सिंह ठेकों में वसूली और रंगदारी को लेकर एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो गए जिसके बाद दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हुई| परिणाम यह रहा कि अक्टूबर 2002 में बनारस जा रहे धनंजय सिंह के काफिले के ऊपर नदेसर में एक टॉकीज के सामने हमला हुआ जिसमे अंधाधुंध गोलियाँ चली| इस हमले में धनंजय सिंह के गनर समेत चार लोग घायल हुए और धनंजय बाल-बाल बचे| इस हमले के बाद धनंजय सिंह ने अपने दोस्त रहे अभय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।

धनंजय सिंह यह समझ चुके थे कि बाहुबली बने रहने के लिए राजनीति का सहारा लेना पड़ेगा और तब धनंजय सिंह ने सहारा लिया कुख्यात बदमाश मुन्ना बजरंगी के गुरू रहे विनोद नाटे की तस्वीर का... दरसल विनोद नाटे ने साल 2002 में रारी विधानसभा से चुनाव जीता जिसके लिए उसने बहुत मेहनत की थी और उसी बीच एक रोड एक्सीडेंट में विनोद नाटे की मौत हो गई| जिसके बाद धनंजय सिंह ने विनोद की तस्वीर के सहारे संवेदनाएं इकट्ठे करते हुए राजनीति की सीढ़ियां चढ़ना शुरु कर दिया और उस खाली हुई सीट पर 2002 में 27 साल की उम्र में निर्दलीय विधायक बन गए।

यहां से धनंजय सिंह का राजनीतिक कैरियर शुरू हो चुका था| 2002 के बाद 2007 में धनंजय सिंह जनता दल यूनाइटेड जैसी पार्टी के टिकट पर भी चुनाव लड़कर जीत गए| 2008 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन करी और 2009 में बसपा के टिकट पर जौनपुर से सांसद का चुनाव लड़ा| धनंजय सिंह भारी मतों से जीते इस दौर में धनंजय सिंह अपनी राजनीति के चरम शिखर पर थे लेकिन 2011 आते-आते मायावती ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में पार्टी से निकाल दिया| लोगों का मानना है कि मायावती और धनंजय सिंह के बीच पैसों को लेकर जबरदस्त गतिरोध पैदा हुआ था और धनंजय मायावती के आगे झुकने को बिल्कुल तैयार नही थे|   

साल 2012 में धनंजय सिंह ने अपनी दूसरी पत्नी डॉक्टर जागृति को निर्दलीय चुनाव लड़ाया। यह वह दौर था जब राजनीति में  दागियों के ऊपर सवाल खड़े होने लगे थे सभी पार्टियां बाहुबलियों और दागियों को टिकट देने से बच रही थी, जनता के बीच बाहुबलियों को राजनीति से बाहर करने का जुनून सवार था। डॉ जागृति चुनाव हार गई| जिसके बाद धनंजय सिंह खुद 2014 में जौनपुर से लोकसभा चुनाव और 2017 में निषाद पार्टी से विधानसभा के चुनाव में उतरे लेकिन वह दोनों ही चुनाव हार गए, बाहुबली धनंजय सिंह की राजनीति का सितारा अब धूमिल हो चुका था। 

धनंजय सिंह ने विलासिता की सारी हदें पार करते हुए तीन शादियां की। उनकी पहली पत्नी ने शादी के 9 महीने बाद ही आत्महत्या कर ली। दूसरी पत्नी डॉक्टर जागृति सिंह घरेलू नौकरानी की हत्या के आरोप में साल 2013 में गिरफ्तार हुई थी इसी मामले में धनंजय सिंह भी नामजद हुए थे उसके बाद डॉक्टर जागृति से धनंजय सिंह का तलाक हो गया। 2017 में धनंजय सिंह ने पेरिस में श्रीकला रेड्डी से तीसरी शादी की। श्रीकला रेडी भारत के एक बड़े कारोबारी परिवार से है।

फिलहाल धनंजय सिंह को एक कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर का अपहरण कर रंगदारी मांगने के आरोप में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है उनको रविवार को 6 थानों की फोर्स ने देर रात उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। धनंजय के साथ उनके एक समर्थक विक्रम सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।

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