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सार्थक हुए DGP के प्रयास.. बिहार में चौकीदार से उठक बैठक करवाने वाले कृषि अधिकारी पर FIR दर्ज

सोशल मीडिया में बहुत वायरल हुआ था ये वीडियो.

Sudarshan News
  • Apr 23 2020 9:57PM
अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों के सम्मान और मान की शिक्षा दे कर पूरे देश भर की पुलिस के आदर्श के रूप में स्थापित हो चुके बिहार के DGP IPS गुप्तेश्वर पाण्डेय के प्रयास उस समय सार्थक हो गये जब अपनी तानाशाही के लिए पूरी दुनिया भर में बदनाम हो चुके कृषि अधिकारी पर मामला दर्ज कर लिया गया. ये नया मोड़ इस मामले में पूरे बिहार प्रदेश ही नही बल्कि पूरे देश भर में हर उस व्यक्ति को सुकून और शांति देने वाला है जिसके तन पर वर्दी है या तो वो देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ वर्दी वालों का शुभचिंतक है. देश ने उस वीडियो के वायरल होने पर कड़ी चिंता और आपत्ति जताई थी जब एक अधिकारी ने अपने पद की धौंस देते हुए एक चौकीदार को कान पकड़ कर उठक बैठक करवाई और उसकी वीडियो भी वायरल करवा दी. 

इस मामले में सबसे पहले संज्ञान बिहार के DGP गुप्तेश्वर पाण्डेय ने लिया था और उन्होने फ़ौरन ही ऐसे तानाशाह अधिकारी की हाँ में हाँ मिलाते हुए वहां मौजूद ASI पर कार्यवाही की. इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण शासन की जानकारी में है और उस पर कार्यवाही होगी. आख़िरकार उनके प्रयास सार्थक दिशा की तरफ बढ़ गये हैं जिसके बाद बिहार पुलिस प्रमुख का सम्मान पूरे भारत एक पुलिस बल में और ज्यादा बढ़ गया है. सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट के हवाले से आ रही खबर के अनुसार बहुचर्चित मामले में बिहार के अररिया के कृषि पदाधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. चौकीदार गणेश ततमा को ऑन ड्यूटी अपमानित करने के आरोप में अररिया के कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार के खिलाफ अररिया थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया है. इसी मामले में बिहार सरकार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने भी जांच के बाद कार्रवाई की बात कही थी.

पुलिस मुख्यालय की ओर से मिली बड़ी जानकारी के मुताबिक अररिया थाने में बड़ी कार्रवाई की गई है. एडीजी जितेंद्र कुमार ने बताया कि कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार के खिलाफ थाने में केस दर्ज किया गया है. इस मामले में जमादार गोविंद सिंह को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है. बता दें कि अररिया में चौकीदार के अपमान पर मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है. अररिया डीएम और एसपी से इस पूरे घटनाक्रम पर रिपोर्ट मांगी हैं. मानवाधिकार आयोग ने अररिया के डीएम और एसपी से अलग-अलग रिपोर्ट मांगी है. दोनों को रिपोर्ट 6 मई तक देने को कहा गया है. आयोग ने माना है कि यह मामला मानवाधिकार आयोग का बनता है. इसलिए जो भी दोषी है, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए. जिस चौकीदार को अपमानित अररिया जिला कृषि पदाधिकारी ने मनोज कुमार ने किया था. 

उस पीड़ित चौकीदार को बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने खुद से कॉल किया और घटना की जानकारी ली थी. यही नहीं डीजीपी ने उनका मनोबल बढाते हुए उनके साथ पूरे पुलिस बल का होना बढाया था.. डीजीपी ने कहा कि आपके साथ जो हुआ उसका मुझे बहुत दुख है. आप चिंता मत किजिए आप सभी चौकीदार सिपाही हमारा हमारे अंग है. मनोबल को नहीं गिराना है. दोषी पर सरकार कार्रवाई करेगी. आप चिंता मत किजिए. मुझे बहुत अफसोस है. मुझे दुख है हम आपसे माफी मांगते हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए था. इस पूरे मामले में जहाँ तानाशाह कृषि अफसर मनोज कुमार की निंदा हो रही है तो वहीँ बिहार के पुलिस प्रमुख गुप्तेश्वर पाण्डेय की संवेदनशीलता और अपने पुलिस बल के लिए आत्मीयता की प्रसंशा हो रही है.  

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