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पावन तीर्थ के साथ के साथ रोजगार का हब भी बनेगी श्रीराम की नगरी अयोध्या ... इस बड़ी योजना पर कार्य कर रहे सीएम योगी

योगी सरकार ने अयोध्या जी को लेकर एक विशेष योजना तैयार की है, जिसके तहत अयोध्या हिन्दुओं की एक पावन तीर्थ नगरी के साथ ही रोजगार के हब के रूप में विकसित होगी.

Abhay Pratap
  • Jun 10 2021 7:50PM

सदियों तक गुलामी की जंजीर में जकड़ी रही प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या अब पुराना वैभव प्राप्त करने की ओर अग्रसर है. जब से भगवाधारी योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, अयोध्या जी को अध्यात्मिक विकास के पथ पर अग्रसर करने के तमाम प्रयास कर रहे हैं. साथ ही जब से अयोध्या जी में श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य आरंभ हुआ है, उसके बाद से योगी सरकार अयोध्या जी को लेकर और गंभीर हो गई है. अब योगी सरकार ने अयोध्या जी को लेकर एक विशेष योजना तैयार की है, जिसके तहत अयोध्या हिन्दुओं की एक पावन तीर्थ नगरी के साथ ही रोजगार के हब के रूप में विकसित होगी.

अयोध्या जी रोजगार के हब के तौर पर विकसित हों, इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण ने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है और इसके तहत लगभग 12 लाख लोगों को रोजगार देने की व्यवस्था होगी. इसमें 4 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से, तो 8 लाख लोगों को पोरक्ष रूप नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए 9 सेक्टर चयनित किए गए हैं. बता दें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्म नगरी को रोजगार हब के तौर पर ज्यादा बेहतर बनाने के निर्देश भी दिये है, ताकि युवाओं की किस्‍मत बदल सके.

गौरतलब है वर्तमान में अयोध्या और आसपास के लोगों को रोजगार के लिए सीमित साधन उपलब्ध हैं, राम मंदिर के गर्भ गृह को दर्शन के लिए आने वाले लोगों को अलावा खुदरा व्यापार और सरकारी नौकरियों ही रोजगार का मुख्य साधन हैं. यहां तक कि अयोध्या में बेहतर स्वास्थय सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. इसी वजह से गंभीर रोग के मरीजों को लखनऊ इलाज के लिए आना पड़ता है. अब जब अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के साथ ही अयोध्या को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का खाका तैयार किया गया है, तो इससे लोगों के लिए रोजगार के नये रास्ते भी खुलेंगे.

उद्योग से लेकर होटल, अस्पताल की सुविधाएं बढ़ेंगी तो स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नये रास्ते खुलेंगे. सरकार की तैयारी के मुताबिक, अब तक अयोध्या में लोगों को रोजागर मुहैया करवाने के लिए नौ सेक्टर चिन्हित किये गये हैं. इसमें अध्यात्मिक पर्यटन के साथ साथ सांस्कृतिक पर्यटन, MSME,स्वास्थय, पर्यटन व्यापार, ट्रांसपोर्ट, लोजिस्टिक्स, वाणिज्य गतिविधियां और वेलनेस पर्यटन को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा होटल व्यवस्था और आवासीय व्यवस्था के जरिये भी रोजगार के अवसर बढ़ाने पर सरकार का जोर है.

बता दें कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर अयोध्या के विकास पर विजन डाक्यमेंट का प्रेजेंटेशन देखा था, जिसमें अयोध्या को आधुनिक तरीके से विकसित करने के साथ-साथ लोगों को रोजगार दिये जाने का खाका तैयार कर दिखाया गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के विकास और राम मंदिर के निर्माण को लेकर कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री खुद हर महीने राम मंदिर के निर्माण कार्य के साथ ही अयोध्या के विकास को लेकर लगातार बैठकें कर रहे हैं. साथ ही वह सीएम के बनने के बाद लगातार अयोध्या जी का दौरा भी करते रहे हैं.

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