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FPO के जरिए 15,000 करोड़ रुपये जुटाएगा YES BANK

निजी क्षेत्र के यस बैंक ने गुरुवार को कहा कि उसने अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) के जरिए ताजा इक्विटी शेयर जारी करके 15,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है।

Abhishek Lohia
  • Jul 9 2020 2:05PM
निजी क्षेत्र के यस बैंक ने गुरुवार को कहा कि उसने अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) के जरिए ताजा इक्विटी शेयर जारी करके 15,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है। पेशकश 15 जुलाई 2020 को खुलेगी और 17 जुलाई 2020 को बंद होगी। जब स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कोई कंपनी फिर से अपने शेयरधारकों के लिए कुछ शेयर जारी करती है तो इसे फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर या फर्दर पब्लिक ऑफर (एफपीओ) कहते हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में यस बैंक को अपने निदेशक मंडल की पूंजी जुटाने वाली समिति (सीआरसी) से पेशकश के जरिए धन जुटाने की मंजूरी मिली थी। यस बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि बैंक ने महाराष्ट्र में कंपनी पंजीयक के समक्ष सात जुलाई 2020 को रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरआरपी) दाखिल किया। यस बैंक ने कहा कि एफपीओ पेशकश 15,000 करोड़ रुपये की है। इसके तहत ताजा शेयर जारी किए जाएंगे और इसमें कर्मचारियों के लिए 200 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित होंगे। 

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक बयान में कहा कि उसके केंद्रीय बोर्ड की कार्यकारी समिति ने बुधवार को यस बैंक के एफपीओ में अधिकतम 1,760 करोड़ रुपये तक निवेश को मंजूरी दे दी है। सरकार ने 13 मार्च को यस बैंक के लिए एक बेलआउट योजना को मंजूरी दी थी। योजना के तहत यस बैंक को आठ वित्तीय संस्थानों से लगभग 10,000 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें एसबीआई से मिले 6,050 करोड़ रुपये शामिल थे।

एडीबी की पूंजी बाजार से 35 अरब डॉलर जुटाने की योजना

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने बुधवार को कहा कि उसने 2020 में पूंजी बाजार से 30 से 35 अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है। बैंक ने पूंजीगत संसाधनों को बढ़ावा देने के लिए तीन साल के चार अरब डॉलर के बांड की बिक्री की है। एडीबी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि चार अरब डॉलर के तीन साल के जो बांड बेचे गए हैं, उनके लिए 0.25 प्रतिशत की दर से ब्याज देय है। इसे साल में दो बार में भुगतान करना है। ये बांड 14 जुलाई 2023 को परिपक्व होंगे। एडीबी के कोषाध्यक्ष पियरे वान पेटेघेम ने कहा कि पूंजी जुटाने से एडीबी को एशिया-प्रशांत के क्षेत्रों की विशेषकर महामारी के मौजूदा दौर में मदद करने का संसाधन मिलेगा। एडीबी की बांड बिक्री का प्रबंधन बैंक ऑफ मॉन्ट्रियल, ड्यूश बैंक, गोल्डमैन सैश और मॉर्गन स्टेनली द्वारा किया गया था।

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