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प्रतापगढ़ जैसे हंगामे ही बढ़ा देते हैं हाथरस जैसे मामले.. कहीं पूछ रहे कि- "पुलिस ने क्या किया" ? और कहीं चिल्ला रहे कि - "पुलिस ने क्यों किया" ?

सब इन्स्पेक्टर प्रीति कटियार के खिलाफ किस ने मचाया कोहराम और क्यों ?

विशेषता अग्रवाल
  • Sep 29 2020 7:33PM
आतंक और अपराध से लडती पुलिस जब आखिर फर्जी और आधारहीन आरोपों का भी सामना करना पड़ता है तो ये यकीनन पुलिस से ज्यादा उस समाज के लिए घातक होता है जिसकी रक्षा वो पुलिस वाला कर रहा होता है. शारीरिक रूप से घायल जवान कई बार अपने मोर्चे पर डटा रहता है लेकिन मानसिक रूप से चोटिल रक्षकों के लिए मोर्चे पर डटे रहना किसी भी रूप से सम्भव नहीं हो पाता. ज्ञात हो कि शासन के निर्देश पर जब कानून व्यवस्था के पेंच कसे गये तब से ऐसे कई मामले सामने आये हैं जब पुलिस वालों को फर्जी और आधारहीन आरोपों का शिकार बनाया गया है .

फर्जी आरोपों की लाइन लगाए ये वो लोग हैं जो कभी कानून को ठीक से पालन करने में अपनी तौहीन समझते थे लेकिन जब से प्रशासन ने उनको सही राह दिखाने की कोशिश की तो वो अपने असल रूप में आ गये और निशाने पर ले लिया प्रशासन को ही .उत्तर प्रदेश के योगीराज में जहाँ पुलिस बेहद चुस्त और दुरुस्त हो कर प्रशासनिक और कानूनी शासन को मजबूती के साथ पटरी पर लाना चाहती है वहीँ उसकी राह में तरह-तरह से रोड़े बिछाये जा रहे हैं. कहीं उसे पत्थरों का सामना करना पड़ रहा, कहीं उसे गोलियां झेलनी पड़ रही.. 

और अब इन सब बातों से पार पाया जाए तो अंतिम हथियार के रूप में आधारहीन और नकली स्वरचित आरोप झेलने पर मजबूर किया जा रहा. इस मामले में नम्बर उस प्रतापगढ़ जिले का लगाया गया है जो रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया का गृह जनपद है. इसके चलते ही वहां उन अधिकारियों को तैनात किया गया है जिन्हें किसी भी अनावश्यक दबाव और अवैध प्रभाव से झुकाया न जा सके. उन्हीं में से एक हैं प्रतापगढ़ एंटी रोमियो टीम की प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रीति कटियार.

ऐसा ही एक मामला आया है उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से. यहाँ पर ही नही बल्कि पूरे UP में कुछ समय से महिलाओं की सुरक्षा आदि को ले कर विपक्षी पार्टियां सरकार को निशाने पर ले रही थी. ऐसे में किसी भी महिला के साथ कुछ भी गलत न हो इसके लिए प्रतापगढ़ पुलिस ने कमर कस ली थी और उस टीम का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर प्रीति कटियार कर रही थी. एक मन्दिर में कुछ संदिग्ध हरकत देख कर जब मात्र उन्होंने नाबालिग दिखने वाले एक लडकी और लडके को रोक कर पूछा तो उस पर अचानक ही उन तमाम लोगों ने कोहराम मचाना शुरू कर दिया है जो नारी की सुरक्षा सर्वोपरि होने की दुहाई आये दिन उसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म से दिया करते हैं . 

मात्र सवाल जवाब चल ही रहा था कि कुछ ऐसे तत्व आ गये जिसमें से कुछ खुद को नेता बताने लगे और कुछ खुद को पत्रकार. सब इंस्पेक्टर प्रीति मात्र सवाल जवाब कर रही थी और उनको अपमानित करने के साथ उन्हें अपशब्द भी कहे जाने लगे. पर यहाँ सराहना करनी होगी सब इंस्पेक्टर प्रीति कटियार की जिन्होंने इतने के बाद भी धैर्य नही खोया और शांत भाव से मात्र इस बात पर अपने आप का ध्यान केन्द्रित रखा कि कहीं उस लडकी का कोई अहित न हो जाए जिसके लिए उन्होंने उसके साथ जा रहे लडके को रोका और टोका था.

जब सुदर्शन न्यूज ने इस मामले की जड़ तक जा कर पड़ताल की तब पाया गया कि इस से पहले भी वहां से कई लोग गुजरे लेकिन सब इंस्पेक्टर प्रीति ने किसी को भी न रोका न टोका, लोगों की उम्र के अनुसार पुलिस को लगा कि शायद ये लोग कहीं भटक आदि तो नही गये. लेकिन इन्हें रोकना और पूछताछ ही इन्हें नागवार गुजरी और अचानक ही कई कैमरे मोबाईल फोन में खोल दिए गये और मामले को जनता की सुरक्षा से खींच कर राजनैतिक बना डाला गया ..

इसी के साथ महिला अधिकारों की मांग आये दिन करने वाले कई ट्विटर हैंडल भी सक्रिय हो गये.. सवाल ये है कि क्या पुलिस ही नही, किसी भी विभाग के पास ऐसा भी कोई यंत्र हैं कि सामने से बिना पूछताछ के ही जाना जा सके कि साथ जा रहे लोग भाई बहन हैं या किसी और रिश्ते में ? क्या पूछताछ भी गलत है और वो भी तब जब पुलिस के मन में सामने वालों की सुरक्षा का भाव हो ? यदि पुलिस सब इंस्पेक्टर प्रीति की घटना को ध्यान में रख कर किसी से पूछना भी बंद कर दे तो समाज की और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा का क्या होगा इसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है.

असल में इस से पहले अपने तमाम शानदार कार्यों के लिए चर्चा में रहने वाली एंटी रोमियो टीम की प्रभारी के खिलाफ ये हंगामा इसलिए किया जाना स्थानीय जनता द्वारा बताया जा रहा है जिससे वो अपराधियों और असमाजिक तत्वों के विरुद्ध की जा रही अपनी कठोर कार्यवाही से विचलित हो जाएँ. लेकिन तारीफ करनी होगी पुलिस बल की जो ऐसे तमाम आरोपों को झेलते हुए भी जनता की सुरक्षा दिन में भूखे रह कर और रातों में जाग कर रहा है . 

इस मामले में वायरल करवाए जा रहे विडियो में लड़का बार-बार कह रहा है कि उसको मारा गया जबकि किसी भी प्रकार का कोई भी प्रमाण ऐसा नही है जो उसके आरोप को साबित करता दिखे. हाँ, उलटे लडके के ही घरवाले बाद में महिला पुलिस अधिकारी को गाली देते दिखे थे जिस पर महिला पुलिस अधिकारी चुप रही. यहाँ तारीफ की पात्र वो पुलिस है जो नारी के सम्मान के अपने दायित्वों को जानते हुए इस मामले में सब कुछ सामने आने के बाद भी ऐसे आरोपों से लगातार किसी न किसी को निशाना बना कर उसको मानसिक प्रताड़ित करती इस महिला पर अब तक कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की, लेकिन कहीं न कहीं इस छूट और नेकी का कुप्रभाव ही देखने को मिल रहा है. 

जब सुदर्शन न्यूज़ ने जमीनी तौर पर आम जनता की राय ली तो उसमे से तमाम महिलाओं और वृद्धो तक ने ये कहा कि प्रीति जी के कार्य जमीनी बदलाव लाये हैं और अक्सर उन्हें स्कूलों में बच्चियों को ट्रेनिंग आदि देते देखा जा सकता है. ऐसे में समाज का इतना हित चाहने वाली पुलिस अधिकारी पर जब ऐसे आरोप लगेंगे तो उसको मात्र दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है. 

असल में इस मामले को कुछ राजनैतिक विचारधारा के लोगों द्वारा उछाला जा रहा है जिसमे सीधे योगी सरकार को निशाना बनाने की साजिश रची गयी है . आये दिन ऐसे तमाम मामले सामने आ रहे हैं जिसमे शासन और प्रशासन के अधिकारियों को ऐसे कई झूठे और स्वरचित मामलों से न सिर्फ मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है बल्कि उनके सामाजिक जीवन को भी प्रभावित किया गया है. बिजनौर के सिपाही कमल शुक्ला, रामपुर के सब इंस्पेक्टर जय प्रकाश,  मुरादाबाद चंदौसी के चौकी इंचार्ज हरपाल सिंह, शाहजहांपुर के सिपाही, देवरिया में थानाध्यक्ष श्रवण यादव के जैसा ही अब सब इंस्पेक्टर प्रीति के खिलाफ किया जा रहा हंगामा और इस प्रकार से आधारहीन आरोप व स्वरचित मिथ्या मामले रचने वालों पर कड़ी कार्यवाही न हुई तो निश्चित तौर पर ये समाज की शांति और सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले,  आतंक और अपराध से लड़ते पुलिस बल के लिए किसी भी रूप में सार्थक परिणाम नहीं देगा और इसका असर जनता पर जरूर पड़ेगा .

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3 Comments

एस आई प्रीती कटियार पर लगाए गए आरोप निराधार और असत्य हैं।

  • Guest
  • Oct 8 2020 11:18:21:953PM

एस आई प्रीती कटियार बहुत अच्छी पुलिस अधिकारी हैं।

  • Guest
  • Oct 8 2020 11:15:10:170PM

Thanks to Yogi Govt and S I Piriti Katiyar and Police force. These days the best yogi Ji Govt is good working in Bharat Varsha.

  • Guest
  • Sep 29 2020 8:21:25:750PM

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