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SC ने पुरी की भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा पर लगी रोक हटाई

सुप्रीम कोर्ट से 18 जून के आदेश में बदलाव की मांग कर रहे सभी पक्षों का कहना था कि सदियों पुरानी परंपरा को भंग नहीं किया जाना चाहिए. इससे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है.

Abhishek Lohia
  • Jun 22 2020 11:47PM
 सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के पुरी में कल होने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को अनुमति दे दी है. 18 जून को कोर्ट ने यात्रा में लाखों लोगों के जमा होने से कोरोना फैलने के अंदेशे के मद्देनजर यात्रा पर रोक लगा दी थी, लेकिन आज केंद्र सरकार, ओडिशा सरकार, मंदिर प्रशासन समेत कई पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने रोक को हटा दी. हालांकि, कोर्ट ने कई कड़ी शर्तें लगाई हैं, जिसके चलते आम श्रद्धालु यात्रा में शामिल नहीं हो सकेंगे.

सुप्रीम कोर्ट से 18 जून के आदेश में बदलाव की मांग कर रहे सभी पक्षों का कहना था कि सदियों पुरानी परंपरा को भंग नहीं किया जाना चाहिए. इससे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है. केंद्र सरकार और ओडिशा सरकार ने यह भी कहा था कि यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी दिशा निर्देशों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाएगा. सिर्फ उन सेवादारों को रथ खींचने की अनुमति दी जाएगी, जो हाल में हुए टेस्ट में कोरोना नेगेटिव पाए गए हैं. आम लोगों को यात्रा में शामिल होने की इजाजत नहीं होगी. यात्रा के दौरान शहर में कर्फ्यू लगा दिया जाएगा, ताकि कहीं भी कोई भीड़ न हो.

इन अर्जियों में यह भी कहा गया था कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली रथयात्रा को अनुमति देने की मांग नहीं की जा रही है. लेकिन जगन्नाथ पुरी मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की जो मुख्य यात्रा निकलती है, उस परंपरा को भंग नहीं किया जाना चाहिए. अगर इस साल यात्रा नहीं हुई तो धार्मिक नियमों के चलते 12 साल तक यात्रा नहीं हो पाएगी.

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और ए एस बोपन्ना की बेंच ने की. गर्मी की छुट्टी के दौरान अपने गृह जिले नागपुर गए चीफ जस्टिस ने वहीं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की. सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में लिखवाया, “18 जून को हमें यह बताया गया था कि 18वीं और 19वीं सदी में इस तरह की यात्रा के चलते हैजा और प्लेग जैसी महामारी और अधिक फैली थी. यही वजह थी कि हमने रोक का आदेश दिया. लेकिन अगर यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि यात्रा को सुरक्षित तरीके से, स्वास्थ्य निर्देशों का पूरा पालन करते हुए आयोजित किया जा सकता है, तो हम इस पर रोक की कोई वजह नहीं देखते.“

सुप्रीम कोर्ट ने अपने विस्तृत आदेश में यात्रा के आयोजन को लेकर कई शर्तें रखी हैं. शर्तें यह हैं :-

* पुरी में दाखिल होने के रास्ते बंद कर दिए जाएं. एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा भी बंद कर दिया जाए.
* रथ यात्रा के दौरान शहर में कर्फ्यू लगा दिया जाए.
* एक रथ को अधिकतम 500 लोग खींचेंगे.
* मन्दिर के सिर्फ वही सेवादार इन गतिविधियों में शामिल होंगे जो कोरोना नेगेटिव हैं.
* 2 रथ के बीच कम से कम 1 घंटे का अंतर रखा जाए.
* टीवी चैनलों को कवरेज की इजाज़त मिले ताकि लोग घर से यात्रा देख सकें.
* ओडिशा सरकार यात्रा में शामिल होने वाले लोगों का पूरा ब्यौरा रखे.

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4 Comments

God is great ,

  • Guest
  • Jun 23 2020 12:27:30:903AM

Hare Krishna. Jaya jagannath

  • Guest
  • Jun 23 2020 12:08:30:600AM

किसी कोर्ट को हमारे धार्मिक मामलों में चू करने का अधिकार नही है और इस बात को शक्ति से सिद्ध करना चाहिए

  • Guest
  • Jun 22 2020 11:50:29:037PM

🙏👍👍👍

  • Guest
  • Jun 22 2020 11:48:46:977PM

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