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शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को मिली नई पहचान.... बना कैदी नंबर N956

आपको बता दें आर्यन खान के लिए अब आने वाला समय काफी कठिन है क्योंकि उसका जेल में क्वारंटाइन पीरियड खत्म हो चुका है, आरटी पीसीआर टेस्ट भी हुआ है जो नेगेटिव आया है और अब उसे जेल में नार्मल कैदियों के साथ जनरल सेल में शिफ्ट किया जाएगा।

Prem Kashyap Mishra
  • Oct 14 2021 8:05PM

आर्यन खान पिता का नाम शाहरुख़ खान यह पहचान अब पुरानी हो गई अब आर्यन खान को नई पहचान मिल गई है वह है कैदी नंबर N956। जी हाँ कभी मखमल की गद्दी पर सोने वाला जिसका पैर जमीं पर नहीं रहता था अब वह आम कैदियों की तरह सलाखों के पीछे बंद होकर चीत्कार करेगा। क्यूंकि कर्म का लिखा तो भोगना पड़ेगा ड्रग्स केस में फंसने के बाद आर्यन की जिंदगी पर ग्रहण लग चूका है। शिप ड्रग केस में फंसे आर्यन खान की मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं।

आपको बता दें आर्यन खान के लिए अब आने वाला समय काफी कठिन है क्योंकि उसका जेल में क्वारंटाइन पीरियड खत्म हो चुका है,  आरटी पीसीआर टेस्ट भी हुआ है जो नेगेटिव आया है और अब उसे जेल में नार्मल कैदियों के साथ जनरल सेल में शिफ्ट किया जाएगा। जो आर्यन खान के लिए काफी मुश्किल होगा। क्योंकि वहां की जिंदगी एक तक जिंदगी है, सुबह 6:00 बजे से और शाम के 6:00 बजे तक ही वह बैरक के बाहर रह सकता है ।

उसके बाद उसे बैरक के भीतर रहना है उन आदी अपराधियों के बीच में रहना है। जिन के साथ रहने की सोचना ही आर्यन खान या उनके घरवाले या उनके शुभचिंतकों को काफी परेशानी का सबब बन चूका होगा। आर्यन के बारे में जेल के सूत्र बताते हैं कि वह काफी डिस्टर्ब लग रहा है और साथ ही जो पैसे उनके जेल प्रशासन के पास डिपॉजिट हैं ,वे जेल के खाने के साथ जेल की कैंटीन से स्नैक्स वगैरा और पानी की बोतल वगैरा ले रहा है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि आर्यन के मस्तिष्क पर आने वाले कुछ दिनों की छवि बहुत लंबे समय तक अपना असर डालेगी।

दरअसल आर्यन खान की बेल का एनसीबी ने पुरजोर विरोध किया। एनसीबी ने अपनी तरफ से मजबूत दलीलें पेश कीं।ड्रग्स चैट, इंटरनेशनल ड्रग पेडलर संग कनेक्शन और ड्रग ट्रैफिकिंग जैसे कई गंभीर आरोप आर्यन खान पर लगाए गए। एनसीबी के वकील ने आर्यन खान समेत बाकी आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत होने की बात कही। ये भी कहा कि अगर आरोपियों में से किसी को भी जमानत मिली तो केस के गवाहों, सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। एनसीबी ने विदेशी लिंक होने की वजह से MEA से संपर्क करने की बात भी की है। एनसीबी ने अपनी दलील में किसी बड़ी साजिश का अंदेशा जताया है और कहा कि साजिश में सीधे सबूत मिलना जरूरी नहीं है।

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