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ऊर्जा विभाग में करोड़ों के घोटाले के विरोध में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

उत्तराखण्ड पाॅवर कारपोरेशन लि0 द्वारा मै0 क्रिएट एनर्जी प्राइवेट लि0 से हुए अनुबन्ध के माध्यम से वर्ष 2017 से अब तक अतिरिक्त बिजली बेची गई है

Krishna Kumar
  • Sep 6 2020 10:35PM
उत्तराखण्ड पाॅवर कारपोरेशन लि0 में हुए 80 करोड़ के घोटाले के विरोध में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचन्द शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने पाॅवर कारपोरेशन का पुतला दहन किया तथा मामले की सी.बी.आई. जांच की मांग की।

लालचन्द शर्मा ने कहा कि उत्तराखण्ड पाॅवर कारपोरेशन लि0 द्वारा मै0 क्रिएट एनर्जी प्राइवेट लि0 से हुए अनुबन्ध के माध्यम से वर्ष 2017 से अब तक अतिरिक्त बिजली बेची गई है। उत्तराखण्ड पाॅवर कारपोरेशन एवं मै0 क्रिएट एनर्जी प्राइवेट लि0 के बीच एक वर्ष के लिए हुए अनुबन्ध के अनुसार बेची गई अतिरिक्त बिजली की धनराशि का भुगतान मिलने के उपरान्त भी कम्पनी द्वारा उत्तराखण्ड पाॅवर कारपोरेशन लि0 के पास धनराशि जमा नहीं की गई। एक वर्ष का अनुबन्ध समाप्त होने के उपरान्त भी क्रिएट एनर्जी प्राइवेट लि0 से लगातार अनुबन्ध किया गया तथा क्रिएट एनर्जी प्राइवेट लि0 द्वारा निरंतर अतिरिक्त बिजली बेची जा रही है। परन्तु विभाग को बेची गई बिजली का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जबकि अनुबन्ध की शर्तों में स्पष्ट है कि कम्पनी द्वारा बिजली बेचने के तीन दिन के भीतर उत्तराखण्ड पाॅवर काॅरपोरेशन को धनराशि का भुगतान करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्रिएट एनर्जी प्राइवेट लि0 के साथ लगातार 4 वर्ष तक हुए अनुबन्ध के उपरान्त उत्तराखण्ड पाॅवर कारपोरेशन की लगभग 80 करोड़ का बकाया भुगतान अवशेष है। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे अनुबन्ध के इस खेल में भारी घोटाले बू आ रही है जिसकी जांच कराया जाना नितांत आवश्यक है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि उत्तराखण्ड पाॅवर कारपोरेशन लि0 के अधिकारि शासन में बैठे उच्चधिकारियों की क्रिएट एनर्जी प्राइवेट लि0 से सांठ-गांठ का खामियाजा उत्तराखण्ड प्रदेश की जनता को अपने घरेलू बिजली के बिलों को चुका कर भुगतना पड रहा है। 

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड पाॅवर कारपोरेशन लि0 द्वारा विभिन्न जनपदों में दी जा रही निविदाओं में भी भारी घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ए.बी.बी. इण्डिया लि0 को मानकों के विपरीत एक ही कम्पनी को सप्लाई का आर्डर देकर करोड़ों रूपये के घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी अति आवश्यक है।  

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि उत्तराखण्ड पाॅवर कारपोरेशन एवं मै0 क्रिएट एनर्जी प्राइवेट लि0 के बीच हुए अनुबन्ध तथा ए.बी.बी. इण्डिया लि0 के साथ किये गये अनुबन्ध की सी.बी.आई. से जांच करवाई जाय तथा विभाग की बकाया धनराशि को विभाग में जमा कराने के साथ ही मिलीभगत कर बिना अनुमति के बिजली बेचने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाय तथा कम्पनी को ब्लैक लिस्टेड किया जाय।
 

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