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'अशोक वाटिका' की शिलाओं से 'खिलेगा' श्रीराम मंदिर, आज अयोध्या पहुंचेंगी शिलाए

अयोध्या राम जन्म भूमि रामलला के मंदिर में श्रीलंका सीता एलिया अशोक वाटिका की शिला रखी जाएगी. श्रीलंका के राजदूत व उनका प्रतिनिधि मंडल आज अयोध्या पहुंचेंगे।

Kartikey Hastinapuri
  • Oct 28 2021 10:55AM

अयोध्या में भगवान श्री राम की भव्य मंदिर ने श्री लंका में माता सीता को रावण ने जिस अशोक वाटिका में रखा था उस स्थल की शिलाओं को भी राम जन्मभूमि के म्यूजियम में दिखाया जाएगा। जिसके लिए श्री लंका के राजदूत व दो मंत्री शिला को लेकर अयोध्या पहुंच रहे हैं। जिनका अयोध्या के राज भवन में स्वागत होगा। इन शिलाओं को श्री राम मंदिर ट्रस्ट को समर्पित किया जाएगा।

बता दें, श्रीलंका सरकार के राजदूत और प्रतिनिधिमंडल पहली बार अयोध्या में रामलला के दरबार में आ रहे हैं. राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से रामलला के दरबार में भव्य स्वागत की व्यवस्था की गई है. इस दौरान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय, ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र, ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र उनका स्वागत करेंगे, साथ ही राम जन्मभूमि राम लला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडल को रामलला का प्रसाद , पुष्प और अंग वस्त्र भेंट करेंगे.

 श्रीलंका के राजदूत व प्रतिनिधि मंडल राम जन्मभूमि परिसर में रामलला के मंदिर निर्माण के कार्य को भी देखेंगे. ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय राम मंदिर निर्माण में लगी लार्सन एंड टुब्रो और टाटा कंसल्टेंसी की इंजीनियर श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडल को राम मंदिर निर्माण के बारे में बताएंगे. दोपहर 1 बजे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी अयोध्या राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के राज सदन में श्रीलंका के राजदूत व उनके प्रतिनिधिमंडल का सम्मान किया जाएगा और यहीं पर मीडिया से मुखातिब भी होंगे.

अशोक वाटिका में ही रही थी माता सीता 

आपको श्रीलंका के सीता एलिया अशोक वाटिका के बारे में बताते हैं. भगवान श्री राम मां सीता और भैया लक्ष्मण के साथ जब वन को गए तो पंचवटी से मां सीता का रावण ने हरण कर लिया था. और उसे श्रीलंका के अशोक वाटिका जो आज सीता एलिया के नाम से जानी जाती है, वहां पर कैद करके रखा था.

आज श्रीलंका में अशोक वाटिका स्थित सीता एलिया लाखों अशोक वृक्षों से सजी हुई सुंदर वाटिका है. यहां पर एक राम जानकी मंदिर भी है. इस मंदिर को लोग सीता अम्मन कोविल के नाम से जानते हैं.  ऐसा कहा जाता है कि यहीं पर आज भी हनुमान जी के पैर का निशान मौजूद हैं। 

मिली जानकारी के अनुसार, सभी मेहमान 28 अक्टूबर को अयोध्या पहुँचेंगे और 11:00 बजे राम जन्मभूमि जाएँगे।” उन्होंने बताया कि दोपहर 12:00 बजे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के आवास पर राजदूत और श्रीलंका सरकार के दोनों मंत्री भोजन करेंगे तथा यहीं पर पत्रकार वार्ता भी करेंगे। इसके बाद 1:30 बजे राजदूत, उप राजदूत और श्रीलंका सरकार के दोनों मंत्री लखनऊ के लिए रवाना हो जाएँगे।

 

 

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