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मौलवी बनकर घरों में घुसता था अशरफ और जिहाद का पाठ पढ़ा बनाता था आतंकी.... फिर भी कहते हैं कि आतंक का कोई ??

मोहम्मद अशरफ पीर मौलवी बनकर इलाज करने के बहाने घर में घुसता था। ये अंधविश्वास का फायदा उठाकर इलाज करने का दावी भी करता था। घर में घुसने के बाद ये जान-पहचान बनाकर दोस्ती गांठता था। इसके बाद ये घर में मौजूद युवाओं को धर्म के नाम पर जेहादी बनाने के लिए उकसाता था। ये युवकों से कहता था कि सब को इस्लाम धर्म में शामिल करना है।

Prem Kashyap Mishra
  • Oct 13 2021 5:59PM

आतंकी अपना नेटवर्क भारत में फैलाने को कोशिश में है। दिल्ली के लक्ष्मीनगर से गिरफ्तार आतंकी अशरफ के बारे में एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है की आतंकी आतंकवाद बनाने की फैक्ट्री चला रहा था। जो लोग यह कहते हैं की आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता उनके मुह पर यह करार तमाचा है। बताया जा रहा है कि अशरफ जिहाद के नाम पर मुस्लिम युवाओं को आतंकी बनता था वह मौलवी की भेष में एक आतंकी साजिश को अनजाम दे रहा था

दिल्ली समेत देश के कई शहरों में आतंकी हमले की साजिश रच रहे आतंकी मोहम्मद अशरफ न केवल देश में आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहा था तबकि वह धर्म के नाम पर भारतीय युवाओं को जिहादी बना रहा था। वह पीर मौलवी बनकर घर में घुसता था। बताया जा रहा है कि वह भारत के दर्जनों युवकों को जेहादी बना चुका है। ये भी कहा जा रहा है कि आतंकी ट्रेनिंग के लिए काफी युवाओं को पाकिस्तान भेज चुका है। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसने पीर मौलवी का चौला ओढ़ा हुआ था। वह कुरान की आयतें पढ़ता था और लोगों को इलाज करने का दावा करता था।

उसने युवकों को जेहादी बनाने के लिए जादू-टोना का काम भी सीखा था। मोहम्मद अशरफ पीर मौलवी बनकर इलाज करने के बहाने घर में घुसता था। ये अंधविश्वास का फायदा उठाकर इलाज करने का दावी भी करता था। घर में घुसने के बाद ये जान-पहचान बनाकर दोस्ती गांठता था। इसके बाद ये घर में मौजूद युवाओं को धर्म के नाम पर जेहादी बनाने के लिए उकसाता था। ये युवकों से कहता था कि सब को इस्लाम धर्म में शामिल करना है। 

लक्ष्मीगर से गिरफ्तार मोहम्मद अशरफ ने पुलिस को शुरुआती पूछताछ में बताया कि वह मूल रूप से पाकिस्तानी पंजाब के नरोवाल का निवासी है। वह भारत में सक्रिय स्लीपर सेल का सरगना है। आईएसआई ने उसे त्योहारी सीजन के दौरान आतंकी वारदात का जिम्मा सौंपा था। वह यहां मोहम्मद अशरफ अली अहमद नूरी पुत्र नूर अहमद, निवासी शास्त्री पार्क, दिल्ली के नकली पहचान पर रह रहा था। 

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों  के अनुसार, आईएसआई ने अशरफ को सीधे भर्ती किया था। वर्ष 2004 में पाकिस्तान के सियालकोट में आईएसआई के हैंडलर कोड नाम नासिर से छह महीने की आतंकी ट्रेनिंग ली थी। नासिर ने उसे भारत में तोड़फोड़ की गतिविधियां चलाने में मदद के लिए स्लीपर सेल के रूप में काम करने के लिए भेजा था।   Read more:

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