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कानपुर कांड: STF डीआईजी का तबादला, चौबेपुर थाने में तैनात सभी दरोगा-सिपाही लाइन हाजिर

कानपुर कांड को लेकर बिकरूकांड में चौबेपुर थानेदार की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद एसएसपी ने मंगलवार देर रात थाने पर तैनात सभी दरोगा, मुख्य आरक्षी तथा सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है।

Abhishek Lohia
  • Jul 8 2020 12:01AM
कानपुर कांड को लेकर बिकरूकांड में चौबेपुर थानेदार की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद एसएसपी ने मंगलवार देर रात थाने पर तैनात सभी दरोगा, मुख्य आरक्षी तथा सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है। लाइन में तैनात पुलिस कर्मचारियों को चौबेपुर थाने पर तैनाती कर दी है।  सभी को रात में ही आमद कराने के आदेश दिए गए हैं।

बिकरू गांव में विकास की तलाश में छापा मारने गए सीओ, इंपेक्टर समेत 8 पुलिस कर्मचारियों की हत्या के बाद तत्कालीन थानेदार विनय तिवारी, दरोगा कुंवर पाल सिंह, केके शर्मा और सिपाही राजीव निलंबित कर दिए गए थे। दोनों दरोगा और सिपाही बिकरू गांव के बीट इंचार्ज रह चुके हैं। इन सभी पर कुख्यात अपराधी विकास दुबे की मदद का आरोप है।

अपने बयान में दरोगा केके शर्मा ने स्वीकार किया कि विकास ने एक दिन पहले ही फोन पर धमकी दी थी कि उनके यहां कोई आया तो जिंदा बचकर नहीं जाएगा। यह जानकारी उन्होंने थानेदार रहे विनय तिवारी को दी लेकिन कोई सतर्कता नहीं बरती गई। उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। जांच में यह भी पता चला कि छापेमारी की सूचना शाम को 8 बजे ही विकास दुबे को चौबेपुर थाने से दी गई थी। उसने मौका पाकर हथियारबंद लोगों को अपने घर में जमा किया और पुलिस पर हमला बोल दिया। इसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 जवान शहीद हो गए।

मंगलवार देर शाम एसएसपी दिनेश कुमार पी ने चौबेपुर थाने पर तैनात सभी दरोगा, मुख्य आरक्षी तथा अन्य आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने का आदेश दिया। वायरलेस सेट से मैसेज भी पास करा दिया गया कि सभी रात में ही लाइन में आमद कराएं। इधर लाइन से दरोगा, सिपाहियों की तैनाती भी कर दी गई। इनको भी थाने पर योगदान आख्या दर्ज कराने का आदेश है।

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