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UP में विश्वविद्यालयों की परीक्षा के लिए डिप्टी CM दिनेश शर्मा ने जारी हुए निर्देश, जानें कब और कैसे होगी परीक्षा...

उत्तर प्रदेश में सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए बड़ा निर्देश जारी किया गया है। निर्देश के मुताबिक विश्वविद्यालयों की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षायें जल्द ही सम्पन्न करायी जायेंगी।

रजत के.मिश्र , Twitter - rajatkmishra1
  • Jun 9 2021 7:03AM

इनपुट-श्वेता सिंह, लखनऊ

उत्तर प्रदेश में सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए बड़ा निर्देश जारी किया गया है। निर्देश के मुताबिक विश्वविद्यालयों की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षायें जल्द ही सम्पन्न करायी जायेंगी।

कोविड महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर जन जीवन व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है, जिसके दृष्टिगत CM योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बीच छात्रहित में उच्च शिक्षण संस्थानों में सत्र के दौरान ऑनलाइन पठन-पाठन की दृष्टि से कई निर्देश दिए।डिप्टी CM दिनेश शर्मा के मुताबिक उ0प्र0 उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से गुणवत्तायुक्त ऑनलाइन 76,000 से भी अधिक ई-कन्टेन्ट छात्रों को उपलब्ध कराएं गए।

उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने जानकारी दी कि स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं 15 अगस्त तक करवाई जाएंगी। प्रैक्टिकल परीक्षाएं नहीं होंगी और लिखित परीक्षा का समय तीन घंटे से घटाकर एक से डेढ़ घंटे रखा जाएगा। 31 अगस्त 2021 तक परीक्षाफल घोषित किया जाएगा। नया सत्र (2021-22) 13 सितम्बर से प्रारम्भ किया जाएगा।

इस बार नहीं होंगे प्रैक्टिकल-

इस वर्ष प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं होंगी, उनके अंकों का निर्धारण लिखित परीक्षा के आधार पर होगा। मौखिक परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी। स्नातक पंचम सेमेस्टर तथा स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं यदि सम्पन्न नही हुई हों, तो अन्तिम सेमेस्टर में प्राप्त अंको से पूर्व सेमेस्टर के अंक निर्धारित किए जा सकते हैं।

प्रश्नों की संख्या होगी कम-

विवि ऑनलाइन परीक्षा कराने पर भी विचार कर सकते हैं। प्रश्न पत्रों के हल करने का समय आधा होने के कारण प्रश्नों की संख्या भी कम रखी जाएगी। कोरोना संक्रमण के कारण यदि कोई छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएगा तो उसे विशेष परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। यह प्राविधान शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए केवल एक बार लागू होगा। अंकों में सुधार के लिए छात्र 2022 में आयोजित होने वाली बैक पेपर परीक्षा या 2022-23 में आयोजित होने वाली वार्षिक-सेमेस्टर परीक्षा में शामिल हो सकता है।

द्वितीय वर्ष के परिणाम के आधार पर तय होगा प्रथम वर्ष का रिजल्ट-

शैक्षणिक सत्र 2019-20 में भी कोविड-19 के कारण विश्वविद्यालयों में पठन-पाठन एवं परीक्षा से सम्बन्धित कार्य गंभीरता से प्रभावित होने के कारण प्रथम वर्ष के छात्रों को द्वितीय वर्ष में इस आधार पर प्रोन्नत कर दिया गया था कि सत्र 2020-21 में ऐसे छात्रों की द्वितीय वर्ष की परीक्षा सम्पन्न होने के पश्चात द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणाम के आधार पर उनका प्रथम वर्ष का परिणाम घोषित किया जायेगा। 

31 अगस्त तक आएगा रिजल्ट - 

उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने बताया कि 31 अगस्त, 2021 तक परीक्षाफल घोशित किया जायेगा। शैक्षणिक सत्र 2021-22 दिनांक 13 सितम्बर, 2021 से प्रारम्भ किया जायेगा। ऐसे छात्र जो उपरोक्त व्यवस्था से परीक्षा के घोषित परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे, वे 2022 में आयोजित होने वाले बैक पेपर परीक्षा अथवा 2022-23 में आयोजित होने वाली वार्शिक/सेमेस्टर परीक्षा के उन समस्त/किसी भी विषय में सम्मिलित होकर अपने अंको में सुधार करने के अवसर प्राप्त कर सकेंगे। 

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