सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सहयोग करे

Donation

लव जिहाद कानून: योगी के समर्थन में आए 250 से भी ज्यादा पूर्व ब्यूरोक्रेट्स.. 104 पूर्व अधिकारियों के पत्र को बताया पॉलिटिकल स्टंट..

जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए योगी सरकार ने बनाया था कानून.. 104 पूर्व अधिकारियों ने पत्र लिखकर कानून वापस लेने की करी थी मांग.. अब कानून के समर्थन में आये पूर्व ब्यूरोक्रेट्स..

रजत के.मिश्र , Twitter - rajatkmishra1
  • Jan 4 2021 5:12PM

उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ 104 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स के लिखे गए पत्र के बाद अब सरकार के समर्थन में 250 से ज्यादा पूर्व नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों ने पत्र लिखा है। यूपी सरकार के खिलाफ लिखे पूर्व ब्यूरोक्रेट्स के पत्र पर पूर्व नौकरशाहों ने योगी सरकार के फैसलों के पक्ष में अपना समर्थन पत्र जारी किया है।

करीब ढाई सौ से अधिक पूर्व अधिकारियों बुद्धिजीवियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के पक्ष में पत्र लिखकर जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए बनाए गए कानून का स्वागत किया है और इसको उपयोगी कानून बनाया है। यूपी के पूर्व चीफ सेक्रेटरी योगेन्द्र नारायण के नेतृत्व में यह पत्र लिखा गया है। इस पत्र के माध्यम से 104 पूर्व नौकरशाहों के द्वारा लिखे गए पत्र पर भी आपत्ति जताते हुए पूर्व नौकरशाहों के पत्र को राजनीति से प्रेरित बताया गया है।

सीएम को संविधान की सीख देना गलत-

250 से ज्यादा पूर्व अधिकारियों ने पत्र लिखते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री को संविधान की सीख देना गलत है। धर्म परिवर्तन संबंधी अध्यादेश समय की मांग के अनुरूप है और इसका असर देखने को भी मिल रहा है। ब्रिटिश राज के दौरान भी कई रजवाड़ों ने इसी तरह के कानून लागू किए थे। पूर्व अधिकारियों ने अपने पत्र में लिखा है कि इस अध्यादेश से उत्तर प्रदेश की गंगा जमुनी तहजीब को कोई खतरा नही है।ब्यूरोक्रेट्स ने पत्र में साफ लिखा है कि यह अध्यादेश धर्म और जाति छिपाकर धोखाधड़ी करने अपराध करने वालों के खिलाफ कारगर सिद्ध होगा।

सहयोग करें

हम देशहित के मुद्दों को आप लोगों के सामने मजबूती से रखते हैं। जिसके कारण विरोधी और देश द्रोही ताकत हमें और हमारे संस्थान को आर्थिक हानी पहुँचाने में लगे रहते हैं। देश विरोधी ताकतों से लड़ने के लिए हमारे हाथ को मजबूत करें। ज्यादा से ज्यादा आर्थिक सहयोग करें।
Pay

ताज़ा खबरों की अपडेट अपने मोबाइल पर पाने के लिए डाउनलोड करे सुदर्शन न्यूज़ का मोबाइल एप्प

Comments

संबंधि‍त ख़बरें

ताजा समाचार