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साइक्लोन 'अम्फान' के खिलाफ सरकार ने की तैयारी, NDRF की 36 टीमें की गई तैनात

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि सुपर साइक्लोन अम्फान का 20 मई की दोपहर या शाम तक पश्चिम बंगाल तट पर असर पड़ने की उम्मीद है. 155-165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 185 किमी प्रति घंटे तक चलने वाली बहुत तेज हवा चलने के आसार हैं, साथ ही राज्य के तटीय जिलों में भारी बारिश और 4-5 मीटर की तेज हवाएं चल सकती हैं.

Abhishek Lohia
  • May 19 2020 3:27PM

उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में सुपर साइक्लोन 'अम्फान' के दौरान मदद पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ की 36 टीमें तैनात की गई हैं. यह जानकारी केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गाबा की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों की ओर से दी गई. जब तक सुपर साइक्लोन 'अम्फान' दोनों राज्यों से गुजर नहीं जाता तब तक समीक्षा बैठकों का यह दौर जारी रहेगा.

कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने साइक्लोनिक स्टॉर्म 'अम्फान' से निपटने के लिए राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की. मुख्य सचिव, ओडिशा और गृह सचिव, पश्चिम बंगाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में भाग लिया. गृह मंत्रालय, रक्षा, जहाजरानी, बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, आईएमडी, एनडीएमए और एनडीआरएफ के मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए.

भोजन, पीने के पानी और दवाइयों की व्यवस्था बनाएं रखें

राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, कैबिनेट सचिव ने राज्य सरकारों से कहा कि वे चक्रवात के रास्ते में निचले इलाकों से लोगों की समय पर और पूरी तरह से निकासी सुनिश्चित करें. साथ ही पर्याप्त मात्रा में आवश्यक आपूर्ति जैसे कि भोजन, पीने के पानी और दवाइयों आदि को बनाए रखें. उन्होंने यह भी सलाह दी कि सड़क निकासी और अन्य बहाली के काम के लिए टीमों को तैयार रखा जाए.

इस समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय कैबिनेट सचिव को अधिकारियों की ओर से बताया गया कि NDRF की 36 टीमें वर्तमान में दोनों राज्यों में तैनात हैं. नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के जहाजों और वायुयानों के साथ सेना और नौसेना के बचाव और राहत दल को स्टैंडबाय पर रखा गया है. आवश्यक सेवाओं के रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए दूरसंचार विभाग और ऊर्जा मंत्रालय की एजेंसियों के अधिकारी भी राज्यों में तैनात किए गए हैं.

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने NCMC को उनके ओर से उठाए गए प्रारंभिक उपायों से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि निचले इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है. खाद्यान्न, पेयजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए सभी कार्रवाई की गई है. पावर और टेलीकॉम सेवाओं के रखरखाव और बहाली के लिए टीमें भी तैनात की गई हैं.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि सुपर साइक्लोन अम्फान का 20 मई की दोपहर या शाम तक पश्चिम बंगाल तट पर असर पड़ने की उम्मीद है. 155-165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 185 किमी प्रति घंटे तक चलने वाली बहुत तेज हवा चलने के आसार हैं, साथ ही राज्य के तटीय जिलों में भारी बारिश और 4-5 मीटर की तेज हवाएं चल सकती हैं.

पूर्वी मेदिनीपुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता के जिलों पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है.चक्रवात की क्षति संभावित चक्रवात "बुलबुल" की तुलना में अधिक होने की उम्मीद है, जो 9 नवंबर 2019 को पश्चिम बंगाल तट से टकरा गई थी. चक्रवात ओडिशा के तटीय जिलों जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, जाजपुर और बालासोर में भारी वर्षा, स्क्वैली हवाओं और तूफान को भी लाएगा. केंद्रीय कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में अगली समीक्षा बैठक फिर से की जाएगी.

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