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New Rule : अब 18 नहीं बल्कि 21 वर्ष होगी लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु, कैबिनेट ने दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को महिला के लिए शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 साल कर दिया है, जिसकी घोषणा एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में स्वतंत्रता दिवस के दौरान अपने की थी।

Kartikey Hastinapuri
  • Dec 16 2021 9:53AM

देश में अभी भी कई तबके और कई समाज ऐसे है जो लड़की के बालिग़ यानी 18 वर्ष होने पर ही उसका विवाह कर देते है , और चीज़े सीखने और समझने की उम्र में उसे पारिवारिक जिम्मेदारियों की बेड़ियों में बाँध देते है।

जिसके कारण लड़की का न तो मानसिक विकास हो पाता है और न ही वैचारिक विकास। बच्चियों को इसी समस्या से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर इसकी घोषणा की थी, जिसपर अब कैबिनेट ने भी मुहर लगा दी है। 

अब संसद में पेश करेंगी सरकार 

मोदी सरकार की कैबिनेट ने 15 दिसंबर बुधवार को महिलाओं के विवाह की कानूनी उम्र को 18 से 21 वर्ष तक करने का प्रस्ताव पारित किया। जोकि पुरुषों के समान है। इसको लेकर सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब सरकार बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 में एक संशोधन संसद में पेश करेगी। इसके चलते विशेष विवाह अधिनियम और हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 जैसे व्यक्तिगत कानूनों में संशोधन लाएगी।

बता दें कि अभी लड़िकयों की शादी की उम्र कानूनी रूप से 18 साल तय की गई है। ऐसे में अब इस बदलाव के बाद 21 साल से कम उम्र की लड़िकयों का विवाह करना गैर-कानूनी होगा। गौरतलब है कि बुधवार को कैबिनेट की मिली मंजूरी जया जेटली की अध्यक्षता वाली केंद्र की टास्क फोर्स द्वारा दिसंबर 2020 में नीति आयोग को सौंपी गई सिफारिशों पर आधारित है।

कानूनों में संशोधन के साथ सभी धर्मों पर समान रूप से लागू करने की सिफारिश

लड़कियों के विवाह की न्यूनतम उम्र पर विचार के लिए जया जेटली की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया था जिसने अपनी रिपोर्ट पिछले साल दिसंबर में नीति आयोग को सुपुर्द की थी। टास्कफोर्स ने युवतियों की विवाह की उम्र बढ़ाकर 21 वर्ष करने का पूरा रोल आउट प्लान सौंपा था और इसे समान रूप से पूरे देश में सभी वर्गों पर लागू करने की मजबूत सिफारिश की है।

मोदी सरकार के कार्यकाल में विवाह के संबंध यह दूसरा बड़ा सुधार है जो समान रूप से सभी धर्मों के लिए लागू होगा। इससे पहले NRI मैरिज को 30 दिन के भीतर पंजीकृत कराने का बड़ा कदम उठाया गया।

इससे पहले 1978 में हुआ था विवाह कानून में संशोधन

टास्क फोर्स ने शादी की उम्र समान 21 साल रखने को लेकर 4 कानूनों में संशोधनों की सिफारिश की है। युवतियों की न्यूनतम उम्र में आखिरी बदलाव 1978 में किया गया था और इसके लिए शारदा एक्ट 1929 में परिवर्तन कर उम्र 15 से 18 की गई थी

 

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