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चित्रकूट गोलीकांड: मेराजुद्दीन की हत्या से ढह गया बाहुबली मुख्तार अंसारी का आर्थिक साम्राज्य..

मेराज की हत्या ने हिलाकर रख दिया बाहुबली मुख्तार अंसारी का आर्थिक ढांचा..मुख्तार अंसारी के लिए मेराज एक मजबूत कड़ी के तौर पर था और अब उसकी हत्या हो जाने के बाद मुख्तार जैसे कई बाहुबलियों का आर्थिक ढांचा भरभराकर गिर सकता है।

रजत के.मिश्र , Twitter - rajatkmishra1
  • May 15 2021 1:05PM

(इनपुट-श्वेता सिंह, लखनऊ)

शुक्रवार को चित्रकूट जेल में मुख्तार के करीबी मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अहमद उर्फ मेराज भाई और मुकीम उर्फ काला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पूर्वांचल के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की रीढ़ की हड्डी तोड़ने के लिए इतना ही पर्याप्त है।

मेराज ही संचालित करता था अवैध कारोबार-

बता दें मुख्तार अंसारी के अवैध कारोबार जैसे मछली, कोयला और जमीनों के काले व्यापार को मेराज ही पूरे पूर्वांचल में संचालित करता था। मेराज वाराणसी और चंदौली के कोयला कारोबार, मिर्जापुर के अवैध खनन और गाजीपुर के मछली कारोबार के सिंडिकेट का सरगना भी था। अब मेराज की हत्या के बाद मुख्तार समेत अन्य कई बाहुबलियों को आर्थिक रूप से काफी नुकसान होगा।

कुख्यात मुन्ना बजंरगी का बेहद करीबी माने जाने वाले मेराज ने मुख्तार अंसारी को बसपा से जोड़ने और पहली बार विधायक बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। जून 2006 में रंगदारी और नशे के कारोबार से जुड़े मेराज के घर से बड़ी मात्रा में हीरोइन बरामद की गई थी। हालांकि न्यायालय ने उसे बाइज्जत बरी कर दिया था। जेल से छूटने के बाद वह अपराधिक कारोबार में और भी ज्यादा सक्रिय हो गया और पूर्वांचल में दूसरे गिरोह से मुख्तार गिरोह के बीच का माध्यम बन गया।

हत्याकांडों में सामने आने लगा था मुन्ना बजरंगी के करीबी का नाम- 

मुन्ना बजरंगी के करीबियों में से एक कहे जाने वाले मेराज का नाम मलदहिया पर काशी विद्यापीठ के छात्रनेता रहे अनिल राय हत्याकांड में भी सामने आया था। पहले बता दें 1997 में भाजपा नेता अनिल के बड़े भाई सुनील राय और राम प्रकाश पांडेय की हत्या मुन्ना बजरंगी ने की थी और वर्ष 2002 में अनिल राय को भी मौत के घाट उतार दिया था। वर्ष 2018 में बागपत जेल में मुन्ना बजंरगी की ही हत्या में मेराज अहमद का नाम भी आया था।

कारोबार के रास्ते में आने वालों की कर देता था हत्या-

बताया जाता है कि मेराज पूरे धंधे पर मुख्तार अंसारी का कब्जा जमाने में जुट गया था। उसने विहिप नेता नंद किशोर रूंगटा को अपने धंधे का सबसे बड़ा अवरोध बताया और उसे अपने रास्ते से हटाने के लिए रूंगटा का अपहरण करके फिरौती की रकम लेने के बाद हत्या कर दी।

फर्जी असलहा लाइसेंस बनवाने में महारथ थी हासिल-

फर्जी पते पर असलहा लाइसेंस बनवाने में मेराज को महारथ हासिल थी। साल 2015 में मुन्ना बजरंगी के खास तारिक के घर से पुलिस ने लाइसेंसी रायफल बरामद की थी, जिसका लाइसेंस फर्जी पाया गया। बताया जा रहा है कि इस रायफल का लाइसेंस भी मेराज ने ही नागालैंड से बनवाया था। अक्तूबर 2020 में भी जैतपुरा पुलिस ने उसे फर्जी तरीके से बनवाए गए नौ लाइसेंसी पिस्टल और रायफल के लिए गिरफ्तार किया था। मुख्तार अंसारी के लिए मेराज एक मजबूत कड़ी के तौर पर था और अब उसकी हत्या हो जाने के बाद मुख्तार जैसे कई बाहुबलियों का आर्थिक ढांचा भरभराकर गिर सकता है।

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