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सनसनीखेज: यूपी के नम्बरो से जासूसी और साइबर फ्रॉड करने के मामले में 2 चीनी नागरिक गिरफ्तार..

यूपी एटीएस में एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। साइबर इकोनॉमिक फ्रॉड मामले में ये दोनों WANTED थे और यूपी के प्री एक्टिव नम्बरो से फ्रॉड करते थे।

रजत के.मिश्र , Twitter - rajatkmishra1
  • Jan 25 2021 8:42AM

यूपी के प्रीएक्टीवेटेड मोबाइल नंबरों से जासूसी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यूपी एटीएस में एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, इनके नाम जू जुफ़ू और ली टेंग ली है। इनके 3 अन्य साथियों की तलाश में जांच एजेंसियों ने गुरुग्राम में डेरा डाला हुआ है। साइबर फ्रॉड के मामले में पिछले दिनों में 14 लोगों को यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया है इनमें दो विदेशी नागरिकों की भूमिका सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई है। यह दोनों बिजनेस वीजा पर भारत आए थे लेकिन दोनों के वीजा पूर्व में ही समाप्त हो चुके थे और ये अवैध रूप से भारत में रह रहे थे।

साइबर इकोनॉमिक फ्रॉड मामले में गिरफ्तार ये दोनों लोग फर्जी सिम कार्ड के जरिए ऑनलाइन बैंक खाते खुलवाने और हवाला के जरिए पैसों के हेरफेर में काफी समय से वांटेड थे। इस काम के लिए ये पहले से एक्टिवेटेड सिमों का उपयोग करते थे और खोले गए बैंक खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया करते थे। 

काफी मशक्कत के बाद चढ़े UPATS के हत्थे- 

दोनों चाइनीज फ्रॉडो को पकड़ने में ATS को काफी मेहनत करनी पड़ी। दोनों के विरुद्ध रेड कॉर्नर एवं ब्लू कार्नर नोटिस भी जारी किया गया था। 17 जनवरी को इस मामले में 14 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था। ये पूरा मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। 

गुरुग्राम से चलता था पूरा रैकेट-

चीनी नागरिकों से पूछताछ में पता चला है कि प्री-एक्टिवेट सिम को गुरुग्राम स्थित एक होटल के चाइनीज मालिक के निर्देश पर होटल के मैनेजर को देते थे। We-Chat के जरिये वो इनके संपर्क में रहते थे। 150 भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्स एप्प रजिस्ट्रेशन के लिए जनरेटेड OTP को भी वी-चैट के माध्यम से चाइनीज नागरिकों को शेयर किया था। जांच एजेंसियां होटल मालिक उसकी पत्नी और मैनेजर की तलाश कर रही है। 

देश की सुरक्षा में बड़ी चूक की संभावना- 

सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इन नंबरों पर व्हाट्सएप एक्टिवेट कर हनीट्रैप कर जासूसी की जा सकती है। इसका इस्तेमाल सेना देश के हत्यारों के रिसर्च सेंटर और अन्य खुफिया जानकारियों को लीक करने के लिए भी किया जा सकता है। भारत और चीन के संबंध वर्तमान में ठीक नहीं है जबकि चीन और पाकिस्तान के बीच दोस्ती गाढ़ी है, ऐसे में 150 भारतीय मोबाइल नंबरों पर चीन से व्हाट्सएप नियंत्रित किया जाना देश की सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है।

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