सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सहयोग करे

Donation

सिक्के के दो पहलू होते ही हैं.. अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर जानिये सैकड़ो मासूमो की हत्यारिन मम्मी डॉन के बारे में

वो कौन थी मम्मी डॉन ,जिसने लील ली थी सैकड़ो मासूमों की जान ,महिला दिवस पर विशेष

Khiladi
  • Mar 8 2021 4:36PM
आज महिला दिवस है,हमारे समाज में महिला को सशक्त बनाने पर जोर दिया जाता है,लेकिन एक धर्म विशेष की महिला मानव समाज में कलंक थी,जिसका नाम सुन आज भी लोगो की रूह कांपने लगती है,इस जिहादतन महिला का दिल्ली व उसके आसपास के इलाकों में इतना बड़ा ख़ौफ़ था ,जल्दी से कोई महिला अपने बच्चें को घर से बाहर नहीं निकालती थी 

उस महिला का असली नाम बशीरन था ,जो उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद की रहने वाली थी,अपनी आर्थिक तंगी को लेकर जूझ रही बशीरन और उसका पति दिल्ली आ गए,रोजी रोटी कमाने के लिए दिल्ली आयी बशीरन काले धंधो की सौदागर बन गयी,बशीरन एक महिला होकर भी मानवता को ठेंगा दिखाती रही,बशीरन का मुख्य पैसा चरस,गांजा,अवैध कारोबार था ,दिल्ली का छोटे से बड़ा गुंडा बशीरन को मम्मी डॉन के नाम से जानता था 

बशीरन के गुर्गे मासूमो को उठाकर उनके सीने में अपराध की संज्ञा को भरते थे,मासूमों को नशे की लत लगाकर उनसे अपराध को अंजाम दिलवाया जाता था,मासूमों के हाथों में बशीरन तलवार ,चाकू ,बंदूक आदि थमाती थी ,दिल्ली का संगम बशीरन का बड़ा ठिकाना था ,जहां से वह अपराध के बड़े खेलों को खेलती थी

आज पुरे देश में महिला दिवस बनाया जा रहा है, भारतीय महिलाओं की शान में कशीदे पड़े जा रहे है,लेकिन जिहादी सोच लिप्त रही बशीरन के बारे में सुन लोगो की आवाज दब जाती है ,दिल्ली में आतंक का दूसरा नाम बशीरन कहे जाने लगा था ,बताया जाता है की जिस संगम विहार में वह निवास करती थी ,वहां कोई उसकी मर्जी के बिना एक बूंद पानी तक  टंकी से नहीं भर सकता था ,बशीरन पर सैकड़ों से ऊपर मुक़दमे थे ,जिसके बाद पुलिस ने भगोड़ा घोषित कर दिया ,लेकिन इसके बाद उसे पुलिस दो वर्ष पूर्व दबोच लिया था।

सहयोग करें

हम देशहित के मुद्दों को आप लोगों के सामने मजबूती से रखते हैं। जिसके कारण विरोधी और देश द्रोही ताकत हमें और हमारे संस्थान को आर्थिक हानी पहुँचाने में लगे रहते हैं। देश विरोधी ताकतों से लड़ने के लिए हमारे हाथ को मजबूत करें। ज्यादा से ज्यादा आर्थिक सहयोग करें।
Pay

ताज़ा खबरों की अपडेट अपने मोबाइल पर पाने के लिए डाउनलोड करे सुदर्शन न्यूज़ का मोबाइल एप्प

0 Comments

संबंधि‍त ख़बरें

ताजा समाचार