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यूपी के राज्य कर्मचारियों को दिए जा रहे सभी गैरजरूरी भत्ते होंगे बन्द, सरकार बचाएगी 1300 करोड़ रुपए - सुरेश खन्ना (वित्त मंत्री, यूपी)

महामारी के दौर में बिगड़ती अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने की कवायद तेज, राज्य कर्मचारियों के सभी गैर जरूरी भत्तों को बंद करेगी योगी सरकार, केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन संरचना के आधार पर मिलता है राज्य कर्मचारियों को वेतन

रजत मिश्र, उत्तर प्रदेश
  • May 14 2020 9:48AM
कोविड-19 के संक्रमण काल मे यूपी सरकार कई ऐसे भत्तों को समाप्त किये जाने पर गंभीरता से विचार कर रही है जो केंद्र सरकार में या तो है ही नहीं या फिर भारत सरकार उनको समाप्त कर चुकी है। योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना इस दिशा में रणनीति बना रहे है। यूपी सरकार का मानना है कि इन सभी भत्तों को समाप्त किये जाने से राज्य सरकार लगभग 1,300 करोड़ रुपए सालाना बचाएगी। जिसका प्रयोग प्रदेश के संसाधनों को बढ़ाने में किया जाएगा।

 कर्मचारी यूनियन कर सकते है विरोध -

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का तर्क है कि यूपी सभी सरकारी कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति वेतन संरचना और मंहगाई भत्ते की दर प्रदान करती है जिससे उनको एक सम्मानजनक वेतन मिलता है। सुरेश खन्ना ने इस निर्णय के लिए जाने के बाद कर्मचारी यूनियनों के अपेक्षित विरोध भांपते हुए प्रदेश के सभी कर्मचारियों से प्रदेश के वित्तीय हालात व परिस्थिति को देखते हुए महामारी के इस दौर में सहयोग करने की अपील की है। 

क्यो समाप्त हो रहे है गैरजरूरी भत्ते- 

 दरसल कोविड-19 महामारी के कारण राज्य सरकार के ख़जाने में भारी कमी आयी है। महामारी के रोकथाम संबंधी कार्याें को सम्पन्न करने के लिए भी वित्तीय संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता कराना एक चुनौती है इसलिए वित्तीय संसाधनों को सुनिश्चित किये जाने के दृष्टि से योगी सरकार कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है जिसके तहत सरकार अपने खर्चे कम कर रही है। गैरजरूरी खर्चो के कम करने के साथ साथ गैरजरूरी भत्तों को बंद करने से सरकार एक बड़ी रकम बचाएगी। सीम योगी ने सरकार के खाली हो रहे खजाने को भरने की जिम्मेदारी वित्त मंत्री को दी है। 

विधायकों और मंत्रियों का भी कट चुका है वेतन और निधि -

सरकार पर पड़ रहे वित्तीय बोझ को कम करने के लिए विधायकों और मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती कर चुकी है। इसके साथ ही विधायक निधि को भी एक वर्ष तक के लिये स्थगित किया गया है। सरकार की पहल पर कई सरकारी कर्मचारियों ने स्वेछा से अपने एक दिन का वेतन कोविड केयर फंड में देकर सरकार की मदद की थी।

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