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केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी बोले तीनों कृषि कानून किसानों के हित में, लेकिन किसानों के आग्रह पर सरकार विचार करने को तैयार

देश के विभिन्न स्थानों से आए दर्जनों किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि किसानों का हित मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

Namit Tyagi
  • Dec 28 2020 6:55PM
नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन बीच सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी को देश भर से आये विभिन्न किसान संगठनों समर्थन में ज्ञापन सौंपते हुए आभार व्यक्त किया। इनमें इंडियन किसान यूनियन नई दिल्ली, राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन लखनऊ, राष्ट्रीय युवा वाहिनी लखनऊ, अखिल भारतीय बंग परिषद नई दिल्ली, भारतीय किसान संगठन दिल्ली प्रदेश, कृषि जागरण मंच पश्चिम बंगाल, प्रगतिशील किसान क्लब हरियाणा, जे एंड के किसान काउंसिल जम्मू और कश्मीर, जे एंड के डेरी प्रोड्यूसर्स प्रोसेसर्स एंड मार्केटिंग कॉप. यूनियन लिमिटेड जम्मू, महाराष्ट्र राज्य कृषक समाज जलगांव महाराष्ट्र और भारतीय कृषक समाज ग़ाज़ियाबाद के प्रतिनिधिमंडल ने आज नए कृषि सुधार बिलों के समर्थन में ज्ञापन दिया और कहा कि ये सभी बिल किसानों के हित में हैं, इन्हें वापस नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त किया।

किसान संगठनों से मुलाकात के बाद कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि 29 दिसंबर को किसानों की ओर से वार्ता का प्रस्ताव स्वीकार करने के फैसले का स्वागत करते हैं। सरकार बहुत पहले से ये कहती आ रही है कि हम बातचीत करना चाहते हैं। अब किसान नेताओं ने सरकार को चिट्ठी लिख बैठक की तारीख तय की है। हम उसका स्वागत करते हैं, वे आएं, बैठें और बातचीत करें। सरकार जानती है कि किसी भी समस्या का हल बातचीत से ही निकलता है और मुझे विश्वास है कि इस बार होने वाली बैठक में जरूर कोई हल निकल जाएगा। कैलाश चौधरी ने आगे कहा कि ये तीनों कानून किसानों के हित में हैं, लेकिन फिर भी किसी सुधार की आवश्यकता किसानों को लगती है, तो सरकार विचार करने को तैयार है। हम छह दौर की वार्ता कर चुके हैं और मुझे उम्मीद है ये बातचीत का दौर अच्छा रहेगा। मुझे उम्मीद है कि ये बातचीत का अंतिम दौर होगा और समस्या का समाधान होगा।

कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए नए कृषि कानूनों के लाभ गिनाए। कैलाश चौधरी ने कहा कि विपक्ष कृषि कानून को लेकर किसानों को गुमराह कर रहा है, पिछले 6 महीने से कानून लागू हैं लेकिन कोई शिकायत नहीं आई है। कृषि सुधार के बाद एक सबसे बड़ा झूठ एमएसपी पर बोला जा रहा है। अगर हमें एमएसपी हटानी होती तो स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू ही क्यों करते। हर बार हमारी सरकार एमएसपी की घोषणा करती है, ताकि किसानों को परेशानी ना हो। कृषि राज्यमंत्री बोले कि हर किसान को ये भरोसा देता हूं कि पहले जैसे एमएसपी दी जाती थी, वैसे ही दी जाती रहेगी। यूपीए सरकार की तुलना में मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए एमएसपी रेट को लागत डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया है। चौधरी ने कहा कि किसानों का हित ही मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नए कृषि कानून किसानों के हित में हैं। इससे किसान भाइयों को कृषि उपज के विक्रय के लिए विकल्पों एवं आर्थिक निर्णय शक्ति में वृद्धि होगी। इससे कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी) के अधिकार पूर्व की तरह रहेंगे। इसलिए किसानों के पास सरकारी एजेंसियों का विकल्प खुला रहेगा।

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