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झारखण्ड की सोरेन सरकार में हुआ वो जिसे आज़ादी के बाद से अब तक माना गया सच्ची धर्मनिरपेक्षता.. फल वाले पर FIR के बाद शायद अब कोई नहीं लिख पाएंगा अपने प्रतिष्ठानों पर "हिंदू" शब्द

ट्विटर पर वायरल हो गया है ट्रेंड - #Hinduphobia_in_Jharkhand

Sudarshan News
  • Apr 25 2020 11:45PM
संभवत बदले हुए माहौल में कुछ लोगों को यह बिल्कुल नया लग रहा हो लेकिन जब आप किस बात की गहराई में जाएंगे तो शायद इसमें नया लगने वह हैरान होने जैसा कुछ भी नहीं मिलेगा। यह वही सब कुछ है जिसको स्वतंत्रता के बाद अब तक भारत में सच्ची धर्मनिरपेक्षता अर्थात सेकुलरिज्म का पैमाना बनाया गया था । हेमंत सोरेन सरकार को भी संभवत इन्हीं उम्मीदों के साथ इसी प्रकार की कार्यवाही के लिए वहां की जनता ने चुना भी रहा होगा। यहां सबसे खास बात शिकायतकर्ता इस शिकायत में देखने वाली है कि उसे पूरा विश्वास था उसकी एक ट्वीट पर वही कार्यवाही होगी जो वह चाहता है और आखिरकार हुआ भी वही मात्र एक ट्वीट पर अपनी दुकान में हिंदू शब्द लिखने वाला दुकानदार एक मुकदमे का शिकार हो गया और   उसकी दुकान से बैनर अलग हटाया गया। झारखंड पुलिस मुख्यालय से लेकर स्थानीय जिले के एसपी तक तब इस मामले में फौरन ही सक्रिय हुए जो कि शिकायतकर्ता के हेमंत सोरेन पर  अथाह विश्वास को दर्शाता है.. यहां यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि हेमंत सोरेन ने नया कुछ भी नहीं किया हेमंत सोरेन ने ठीक वही सब कुछ किया जो आजादी के बाद अब तक भारत में   धर्मनिरपेक्षता के तौर पर जाना जाता रहा है..

कुल मिलाकर हेमंत सोरेन ने इस कार्यवाही से खुद को वोट देने वाली झारखंड की जनता वह देश के बाकी हिस्सों की जनता को मस्त संदेश दिया आगे भी इसी प्रकार का सेकुलरिज्म झारखंड में कायम रखा जाएगा.. फिलहाल समझते हैं मुद्दे को। झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारत के तमाम अलग-अलग धर्मो अथवा मजहब को मानने वाले  अपनी दुकानों अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों का नाम अक्सर अपनी धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से रखते हैं। वह तब तक असंवैधानिक नहीं माना जाता जब तक वह किसी की भावनाओं को आहत न करें या किसी को अपमानित करने जैसा ना लगे   लेकिन झारखंड में हिंदू शब्द से आहत या अपमानित कौन हुआ   यह पुलिस जांच में अब तक सामने नहीं आया है हां एक शिकायतकर्ता का ट्वीट इस मामले पर जरूर है..

हालिया घटना झारखण्ड के जमशेदपुर की है. एक फल दुकानदार ने अपनी दुकान पर भगवान राम और भगवान शिव की तस्वीरें लगा कर हिन्दू फल दुकान क्या लिखा  सँभवतः वहां पर सेक्युलरिज्म, लोकतंत्र, संविधान सब ख’तरे में आ गया. पुलिस ने न सिर्फ उसकी दूकान से भगवान राम और भगवान् शिव की तस्वीरों वाला बैनर हटा दिया बल्कि ऐसा करने के जुर्म में दुकानदार के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है. उस दुकानदार की हिम्मत कैसे हुई भारत में रहकर अपनी दुकान पर हिन्दू फल दुकान लिखने की और भगवान की तस्वीर लगाने की. पूरे झारखण्ड में सैकड़ों ऐसे होटल और दुकाने मिल जायेंगे जहाँ बोर्ड पर इस्लामिक प्रतीक चिन्ह चाँद और तारा बने हुए मिल जायेंगे. रांची की ही बात ले लीजिये. एक होटल का नाम है इस्लामियां मुस्लिम होटल. होटल के बोर्ड पर ही बड़े बड़े अक्षरों में लिखा हुआ है.सिर्फ रांची ही क्यों, देश के हर हिस्से में आपको मुस्लिम होटल, मुस्लिम ढाबा, मुस्लिम पान दुकान का बोर्ड लगा हुआ दिख जाएगा.  फिलहाल ऐसी कार्यवाही करके भाईचारा जिंदाबाद रखने वाली झारखंड पुलिस और झारखंड के मुख्यमंत्री की अलग-अलग प्रकार से चर्चा सोशल मीडिया पर चल रही है..

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