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हम शर्मिंदा हैं : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से 15 दिन में दुष्कर्म के 6 मामले आये सामने...बेटियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जिले बलरामपुर से पिछले पंद्रह दिनों में आये दुष्कर्म के मामलों ने इस जिले में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा दिया है।

योगेश मिश्रा, छत्तीसगढ़ ब्यूरो
  • Oct 14 2020 9:04AM
देश के अलग-अलग राज्यों से आते दुष्कर्म के मामलों से लोग आक्रोश के साथ शर्मिंदा हैं। कई जगहों पर जमकर सियासत भी हो रही है। वहीं छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जिले बलरामपुर से पिछले पंद्रह दिनों में आये दुष्कर्म के मामलों ने इस जिले में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा दिया है। साथ ही समाज के वीभत्स चेहरे को भी सामने ला दिया है। 
दुष्कर्म की घटनाओं से थर्रा उठे कई जगहों के साथ ही छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में बेटियाँ नहीं है सुरक्षित.. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि यहां पिछले 15 दिनों में रेप के कुल 06 मामले दर्ज हुए हैं..आधा दर्जन रेप के इस मामले ने कांग्रेस शासित राज्य में बेटियों की सुरक्षा के मामले में पुलिस और व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

पिछले 15 दिनों में रेप के 6 वारदातों ने पुलिस के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है.. हालांकि इन सभी मामलों में पुलिस ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया...पर ऐसे शर्मिंदा करती घटनाएँ छत्तीसगढ़ को शर्मिंदा लगातार कर रही हैं।

ये घटनाएं हुईं
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बलरामपुर में पिछले 15 दिनों में दुष्कर्म के 6 मामले दर्ज हुए हैं...
सबसे पहला मामला वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र में 14 साल की नाबालिक के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आया था ..
जिसके बाद सरकार के मंत्री शिव कुमार डहरिया भी बयानों से घिर गए थे.. और उस मामले के बाद रेप के मामले लगातार बलरामपुर में आने लगे...कुसमी पुलिस ने नाबालिग को हवस का शिकार बनाने वाले आरोपी को पत्थलगांव से गिरफ्तार किया...तो फिर वही रघुनाथ नगर में सामूहिक दुष्कर्म का मामला नाबालिग से आया...अभी यह सभी मामला गरम ही था कि वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र में इंसानियत शर्मसार हो गयी यहां 5 साल की मासूम के साथ  11 वर्ष के बालक ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दे डाला।
अभी इस मामले की जांच ही चल रही थी कि तभी 
राजपुर थाना क्षेत्र में मवेशी चराने गई एक नाबालिक दुष्कर्म का शिकार हो गयी.. और फिर उसके बाद कल शाम होते-होते रघुनाथ नगर में रेप का एक और मामला शून्य में कायम किया गया.  इस तरह पिछले 15 दिनों में आये 6 मामलों ने यह साबित कर दिया कि बलरामपुर में बेटियां सुरक्षित नहीं है।

सभी मामलों में पुलिस ने तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब देखना यह है कि पुलिस की कार्यवाही से अपराधियों के मन में कितना खौफ होता है.. और बलरामपुर में रेप के मामले थमते हैं।

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