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एक थूकने के आरोपी जावेद को बचाने के लिए पूरे जिले को संकट में डाला अंबेडकर नगर पुलिस ने.. थूकने वाले व थूक झेलने वाले दोनों का नहीं कराया मेडिकल टेस्ट.. दोनों अब तक मिल चुके सैकड़ो से

थूकने वाला जावेद अपनी वाहवाही में और पीड़ित अभिषेक न्याय के लिए..

Sudarshan News
  • Apr 28 2020 1:27PM
जहां प्रदेश ही नहीं बल्कि ये देश व पूरी दुनिया कोरोना वायरस नाम की महामारी के महा संकट को झेल रही है  तो वहीं पर जिस शासन प्रशासन से अत्यधिक सतर्कता की आशा की जा रही थी वही शासन-प्रशासन मात्र एक व्यक्ति को बचाने के लिए अगर पूरे जिले और दूसरे शब्दों में कहा जाय तो पूरे प्रदेश, देश व मानवता तक को संकट में डाल दे, तो निश्चित रूप से उस जिले का भगवान ही मालिक होगा..  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस समय अत्यधिक सतर्कता  रखने के साथ खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के समय भी अपने चेहरे पर चेहरे को ढक कर रखते हैं..

लेकिन वहीं उत्तर प्रदेश के  जिला अंबेडकरनगर  में बसखारी थाना क्षेत्र पर अभिषेक नाम का एक शिकायतकर्ता जिला पुलिस को लिखित रूप से शिकायत देता है कि वह राशन के लिए अपने कोटेदार जावेद के पास जाता है तो जावेद नाम का वही कोटेदार उस के ऊपर थूक देता है.. हैरानी की बात यह है कि यह मामला अंबेडकरनगर पुलिस के सभी उच्चाधिकारियों तक जाने के बाद भी जान - बूझकर दबाने का प्रयास किया जाता है, क्योंकि अज्ञात कारणों से अंबेडकरनगर पुलिस इस मामले में आरोपी जावेद को किसी भी हाल में बचाना चाहती थी.. यद्यपि ओ अज्ञात कारण क्या था यह खुद अंबेडकर नगर पुलिस बता सकती है या उस पर भारी प्रभाव रखने वाला जावेद..

जावेद सुरक्षित रहे भले ही पूरा जिला, यहां तक कि पूरा प्रदेश और देश संकट में क्यो न आ जाए, इस मानसिकता से काम करने वाली अंबेडकरनगर पुलिस में इस अति गंभीर मामले को पूरी तरह दबाने का प्रयास किया और शिकायतकर्ता अभिषेक के दिए गए प्रार्थना पत्र पर कोई भी कार्यवाही नहीं की.. अभिषेक लगातार जावेद के खिलाफ कार्यवाही  और  अपने मेडिकल उपचार की गुहार अंबेडकरनगर प्रशासन से लगातार लगाता रहा. . लेकिन उसकी सुनवाई इसलिए नहीं की क्योंकि उन्हें असल में जावेद को बचाना था.. अंबेडकरनगर के प्रशासन ने यह एक बार भी जानने का प्रयास नहीं किया कि कहीं जावेद किसी प्रकार की संक्रामक बीमारी से पीड़ित तो नहीं है या उसका किसी प्रकार से कोई टेस्ट इत्यादि कराया.. 

अंबेडकर नगर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेना सम्भवतः उचित नहीं समझा.. खासकर जिस अभिषेक ने इस मामले की शिकायत की उसका भी किसी प्रकार से मेडिकल नहीं कराया गया.. इस घटना को कुछ समय बीत चुका है और इसी बीच अब तक जावेद तमाम लोगों से अपनी पहुंच की वाहवाही करने, प्रशासन में अपने पहुँच की ताकत दिखाने व उसका गुणगान करने के लिए कईयों से मिला व थूक से पीड़ित अभिषेक अब तक कई लोगों से न्याय की गुहार करने के लिए मिल चुका है ।।यदि किसी भी कारण से इसमें से कोई संक्रमित हुआ होगा तो उसका जिम्मेदार कौन होगा यह अंबेडकरनगर प्रशासन नहीं बल्कि स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शासित उत्तर प्रदेश सरकार को तय करना होगा..

निश्चित रूप से अतिसंवेदनशील मामलों में पुलिस की लापरवाही के कई उदाहरण आपने इससे पहले सुने या देखे होंगे, लेकिन जिस प्रकार की लापरवाही इस बार अंबेडकरनगर पुलिस ने की है इसका प्रतिफल क्या निकल कर आएगा यह आने वाला समय तय करेगा..  फिलहाल अंबेडकरनगर में थूकने वाला जावेद घूम घूम के अट्टाहास कर रहा है और पीड़ित अभिषेक घूम घूम के नए मांग रहा है.. जबकि नियमानुसार इन दोनों को अब तक क्वॉरेंटाइन सेंटर में होना था..




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