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अब पुस्तकालय में, युवा रामचरितमानस और श्रीमद्भागवत गीता का भी लेगें ज्ञान

युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों की पहल से गांवों में खुले पुस्तकालय से छात्रों को नई दिशा मिल रही है।

Anchal Yadav
  • Mar 1 2021 7:00PM
युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों की पहल से गांवों में खुले पुस्तकालय से छात्रों को नई दिशा मिल रही है। इन पुस्तकालयों में कक्षा 6 से 12 तक एनसीईआरटी की किताबें तो मिलती ही हैं। इसके अलावा इंजीनियरिंग, एमबीए और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें उपलब्ध हैं। श्रीरामचरितमान, श्रीमदभागवत गीता, जैसे धार्मिक ग्रंथ भी इन पुस्तकालयों में पढ़ने के लिए मिल जाते हैं। आपसी सहयोग से बनी इन लाइब्रेरी में सभी सुविधाएं देने के प्रयास किए जाते हैं।

गाजियाबाद के गनौली निवासी ग्राम पाठशाला के लाल बहार की टीम की प्रेरणा से छह महीने पहले बादलपुर गांव में लाइब्रेरी खोली गई। नौकरीपेशा युवाओं ने इसमें मदद की। करीब 60 बच्चों के बैठकर पढ़ने का यहां पर इंतजाम है। यहां आदर्श युवा समिति के तत्वावधान में चल रही लाइब्रेरी में अब तक 1.5 लाख रुपये से अधिक पैसे खर्च किए जा चुके हैं। यहां पर बड़े हाल में बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी मेज भी हैं। यहां हजारों की संख्या में पुस्तकें हैं। लाइब्रेरी में 6 से 12 तक की एनसीईआरटी पुस्तकें हैं। इंजीनियरिंग, एमबीए और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें भी हैं। श्रीरामचरितमानस, श्रीमद‘भागवत गीता, धार्मिक ग्रंथ भी यहां पर हैं ताकि बच्चे ये भी पढ़ सकें। गांव के प्रवेश नागर ने बताया कि यहां पर बच्चे अधिक आ जाते हैं तो उन्हें नंबर से आने के लिए कहा जाता है। गांव के आलोक नागर ने बताया कि ग्राम पाठशाला की टीम से प्रेरित होकर यहां पर लाइब्रेरी खोली गई है। इसमें गांव दीपक नागर, सुरेश नागर, प्रवेश नागर समेत सभी लोगों का सहयोग है। ग्राम पाठशाला ने कलदा, बड़पुरा, अस्तौली आदि में भी लाइब्रेरी खोली है।
 
क्षेत्र के दुजाना गांव में भी 15 सालों से पब्लिक लाइब्रेरी चल रही है। अब लाइब्रेरी को और उच्चीकृत कर दिया गया है। गांव की लाइब्रेरी में युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने सहयोग किया है। गांव के सरकारी नौकरी करने वाले युवाओं ने आर्थिक मदद की। यहां की लाइब्रेरी में एक बड़ा हॉल और दो कमरे हैं। गांव के युवक मास्टर भूपेंद्र ने बताया कि लाइब्रेरी में 50 केबिन बने हुए हैं। इसमें बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं। औसतन रोजाना 50 बच्चे पढ़ने आते हैं। पुस्तकालय में 2000 किताबें हैं। पंखे, वाटर कूलर जैसी सुविधाएं भी हैं। भूपेंद्र ने बताया कि इस बार एसी लगवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पाठशाला संस्था के लोगों ने उसने संपर्क किया था। हालांकि उनके गांव में पहले से ही लाइब्रेरी चल रही थी।

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