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जयंती विशेष- मंगल पाण्डेय के खिलाफ अंग्रेजो को नहीं मिल रहे थे गवाह. तब सामने आया गद्दार “पलटू शेख” और बना फांसी का गुनहगार

मंगल पांडेय की वीरता के साथ सदा अमर रहेगी पलटू शेख की गद्दारी..

Rahul Pandey
  • Jul 19 2020 7:55AM
हिन्दू समाज के खिलाफ फिल्मो के उस्ताद आमिर खान ने भी ये सच अपनी फिल्म मंगल पाण्डेय द राइजिंग में छिपा लिया क्योकि उनको कुचलने के लिए केवल हिन्दू भावनाए चाहिए . १८५७ की क्रान्ति के उद्घोष में जहाँ मंगल पाण्डेय ने ब्रिटिश सत्ता को हिला दी थी लेकिन उसी समय एक और बलिदानी को उनके बाद फांसी की सजा मिली थी जो उनके साथ खड़ा पूरे मामले को देख रहा था. वामपंथी और झोलाछाप इतिहासकारों ने उनका जिक्र कही भी नहीं किया.

क्या कभी बताया गया उस गद्दार का नाम जो असल में जिम्मेदार है मंगल पाण्डेय की फांसी का ? ऐसा क्या था जो उस नाम को छिपाया गया .. मंगल पाण्डेय के हमले से घायल अंग्रेज अफसर सार्जेंट मेजर ह्वीसन और लेफ्टीनेंट बॉब जमीन में पड़ा लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की और अंदर ही अंदर सब अंग्रेजो की मौत से खुश भी दिखाई दे रहे थे .. वो दोनों अंग्रेज मदद के लिए चीखते रह गये ..भले ही कोई लाख कहे कि उस से देशभक्ति का सबूत न माँगा जाए लेकिन पल्टू शेख की गद्दारी मंगल पाण्डेय की जांबाजी जैसी सदा सदा के लिए अमर ही रहेगी.

पल्टू शेख ये वही गद्दार है जो बाद में मंगल पाण्डेय की फांसी का कारण बना था क्योकि इसने इन दोनों योद्धाओं के खिलाफ गवाही दी थी . इस पूरे मामले के बाद किसी ने भी मंगल पाण्डेय के खिलाफ मुह नहीं खोला था लेकिन इस पल्टू शेख ने न सिर्फ अंग्रेजो को मारते मंगल पाण्डेय की कमर को कस के पकड लिया था बल्कि बाद में उसने अंग्रेजो के आगे पूरे मामले में गवाही भी दी और कहा कि मंगल पाण्डेय ने उसके आगे ही ह्वीसन और वोघ को मारा है .. उसको उसके तमाम साथियों ने बहुत समझाया था लेकिन वो टस से मस नहीं हुआ और बाद में मंगल पाण्डेय को फांसी दिलवा कर अंग्रेजो से काफी इनाम आदि वसूला था..

इतना नहीं नहीं , इसने अंग्रेजो को पूरी जानकारी भी दी कि उनकी सेना में उनके लिए कौन क्या सोचता है जिसके बाद अंग्रेजो ने और भी सैनिको को उसी के हिसाब से सजाएं दी थी जिसमे नौकरी से निकालना और जेल में डालना आदि प्रमुख था।। आज योद्धा की जन्मजयंती पर मंगल पाण्डेय की जांबाजी के साथ पल्टू शेख की गद्दारी को सुदर्शन न्यूज प्रमुखता से सबके आगे रखता है और सवाल करता है उन तमाम नकली कलमकारों से कि उन्होंने क्यों इस नाम को अपने तक सीमित रखा और क्यों नहीं जानने दिया दुनिया को गद्दारी की एक ऐसी मिसाल जिसकी भरपाई भारत आज तक नहीं कर पाया है .

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2 Comments

Ye satya logon tak pahunchna chahiye.

  • Guest
  • Jul 19 2020 9:08:34:877AM

Ye satya logon tak pahunchna chahiye.

  • Guest
  • Jul 19 2020 9:08:34:487AM

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