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आखिर क्या है जनसंख्या नियंत्रण कानून का प्रारूप व दंड विधान जिसके लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे सुरेश चव्हाणके जी ?

सुरेश चव्हाणके जी ने फिर से आह्वान किया है Population Control Law के लिए.

Rahul Pandey
  • Jul 6 2020 10:06AM
आने वाले विश्व जनसंख्या दिवस अर्थात 11 जुलाई से ठीक पहले सुरेश चव्हाणके जी ने एक बार फिर जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया है । ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि आखिर किस कानून और किस प्रारूप के लिए संघर्ष कर रहे हैं सुरेश जी ? जो देश के भविष्य की रखेगा बुनियाद..

श्री सुरेश चव्हाणके जी द्वारा ऐतिहासिक जनसंसद में रखे गये “जनसंख्या नियंत्रण कानून” के प्रस्ताव का प्रारूप–

हिंदुस्थान की संसद बहुमत के साथ जनसंख्या नीति पर प्रस्ताव पारित करे, जिसके आधार पर कठोर व प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण क़ानून बनाया जाए. इस कानून का आदेश और आशय स्पष्ट हो कि – “किसी भी व्यक्ति को 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर रोक हो.  वह व्यक्ति किसी भी धर्म, मज़हब को मानने वाला, किसी भी धर्म को ना मानने वाला या वो किसी भी लिंग का क्यों न हो. साथ ही हिंदुस्तान की नागरिकता धारण करने वाला, हिन्दुस्थानी भूमि पर ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से रहने वाला या हिन्दुस्थान की स्थाई / अस्थाई यात्रा पर आये हुए विदेशी व्यक्ति को भी इस क़ानून का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा।
उल्लंघन पर कार्यवाही-
अगर जनसँख्या नियंत्रण के लिए बने इस क़ानून का कोई भी उल्लंघन करता है तो तीसरा बच्चा पैदा होते ही उस पर कड़ी कार्यवाही हो.. इस आपेक्षित कार्यवाही का स्वरूप कुछ ऐसा हो –

1- जन्म लेने वाले बच्चे को भारत की नागरिकता किसी भी रूप में नहीं मिलनी चाहिए. जिस से वो भारत में मतदान या किसी अन्य सरकारी सुविधा से वंचित रहे.

2- तीसरे बच्चे को जन्म देने वाले परिवार की भी सभी सरकारी सुविधाएँ ख़त्म की जाए. उसे सरकारी राशन,  सरकारी स्कूलों में शिक्षा, सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा के साथ – 2 सरकारी नौकरी और रेलवे व बस जैसी सरकारी परिवहन सेवा के उपयोग से भी प्रतिबंधित किया जाय.

3- क्योंकि वो परिवार जनसंख्या के विस्फोट के साथ जनसंख्या का असंतुलन भी पैदा कर रहा होगा इसलिए उसके कृत्य को असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक माना जाय. यह भी संभव हो सकता है कि ऐसा कृत्य साम्राज्यवादी मानसिकता के साथ – 2 साम्राज्यवादी साजिश का हिस्सा हो. इसलिए उस परिवार को मतदान करने व अन्य सुविधाओं से वंचित किया जाय.

4- इतने के बाद भी यदि कोई चौथा बच्चा पैदा करता है तो उस बच्चे के साथ उस पूरे परिवार का देश से आधिकारिक रूप से निष्कासन किया जाय..

कानून का क्रियान्वयन-  

1- संसद में यह क़ानून पारित होते ही उस दिन से 9 महिने 9 दिन के बाद के जन्मों पर इसे कड़ाई से लागू किया जाए.

2- इस क़ानून को यदि कोई राज्य सरकार अपने राज्य में किसी भी कारण से लागू नही कर रही हो तो ऐसे में इसे विशेषाधिकार के साथ उस राज्य में पारित पारित और लागू किया जाए.

3- इस कानून के अंतर्गत किए गए अपराध के विरुद्ध कोई भी अदालत न तो स्टे न दे पाए और न ही इसमें किसी भी स्तर से जमानत, क्षमादान आदि का कोई प्रावधान हो.

4- यह क़ानून हिंदुस्थान की अखंडता, संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अति अत्यावश्यक है, इसलिए कोई अन्य देश, NGO या कोई व्यक्ति इसके विरूद्ध अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भी अपील न कर पाए.

5- यह क़ानून संविधान का कभी भी न बदलने वाला घटक बनाया जाए और भविष्य में भी कोई राजनैतिक दल, आने वाली सरकारें, प्रशासन या कोई भी अन्य इसमें किसी भी प्रकार का कोई भी बदलाव न कर पाए.

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7 Comments

ये कानून तो पहले ही बन जाना चाहिए था पर वोट बैंक की राजनीति के लिए किसी भी राजनैतिक दल ने इच्छा शक्ति नहीं दिखाई।

  • Guest
  • Jul 12 2020 6:07:17:743PM

जल्द से जल्द जनसंख्या नियंत्रण लागू किया जाए 2 बच्चों से अधिक वालों के लिए सरकारी जॉब जैसे अन्य कई सुविधाएं न दी जाएं

  • Guest
  • Jul 11 2020 8:52:09:900PM

कोई कानून बनाने की जरूरत नहीं है केवल एक कानून बना दिया जाए जिसको दो से अधिक बच्चे हैं उसे किसी किस्म की सब्सिडी न और आरक्षण नहीं मिलेगा खुद ही सब लोग कंट्रोल कर लेंगे

  • Guest
  • Jul 11 2020 7:33:10:147PM

जनसंख्या नियंत्रण कानून जल्दी से जल्दी लागू किया जाए और धर्मांतरण बैन लड़की सादी करे तो बाप की गवाही फरजियात की जाए

  • Guest
  • Jul 11 2020 6:56:49:807PM

जनसंख्या नियंत्रण कानून जल्दी से जल्दी लागू किया जाए और धर्मांतरण बैन लड़की सादी करे तो बाप की गवाही फरजियात की जाए

  • Guest
  • Jul 11 2020 6:56:43:450PM

Half hi lagu ho

  • Guest
  • Jul 11 2020 5:48:12:670PM

यह कानून शीघ्र से शीघ्र बनना चाहिए

  • Guest
  • Jul 11 2020 4:28:49:220PM

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