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किसानों के प्रदर्शन स्थल पर ख़ुफ़िया विभाग की कड़ी नजर

खुफिया विभाग का आंदोलन स्थल पर कड़ी नजर है। यहां की हर छोटी-बड़ी सूचनाओं पर नजर रख जा रही है। अधिकारी आंदोलन स्थल पर आने और जाने वालों पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं। यहां हर दिन कुछ नए किसान आते, तो कुछ यहां से जाते भी हैं। आंकड़ों के अनुसार यहां करीब पांच से छह हजार किसान लगातार रह रहे हैं। सोमवार को किसानों ने मंच के पीछे और लिंक रोड पर टेंट की संख्या बढ़ा दी। वहीं, पुलिस प्रशासन भी सतर्क है ।

Alok Jha
  • Jan 18 2021 9:32PM
देश के 70 वा गणतंत्र दिवस के अब कुछ ही दिन बचे है । 26 जनवरी की परेड पर ना सिर्फ पूरे देश की बल्कि सम्पूर्ण विश्व की नजर रहती है । हर साल गणतंत्र दिवस के इस परेड में दुनिया को बदलते भारत और तरक्की करते भारत की झलक देखने को मिलती हैं। जिससे सम्पूर्ण विश्व मे देश का मान बढ़ता है । लेकिन खुफिया रिपोर्ट की माने तो इस बार गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में  किसानों के आड़ में खालिस्तानी और देशद्रोही ताकतें गड़बड़ी फैलाने की साजिश को अंजाम दे सकते है । इसको लेकर खुफिया विभाग ने हरेक प्रदर्शन स्थल पर कड़ी नजर बनाए हुए है । खुफिया विभाग का आंदोलन स्थल पर कड़ी नजर है। यहां की हर छोटी-बड़ी सूचनाओं पर नजर रख जा रही है। अधिकारी आंदोलन स्थल पर आने और जाने वालों पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं। यहां हर दिन कुछ नए किसान आते, तो कुछ यहां से जाते भी हैं। आंकड़ों के अनुसार यहां करीब पांच से छह हजार किसान लगातार रह रहे हैं। सोमवार को किसानों ने मंच के पीछे और लिंक रोड पर टेंट की संख्या बढ़ा दी। वहीं, पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। किसानों के ज्यादातर टेट फ्लाईओवर के नीचे, सर्विस रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ की दिल्ली जाने वाली लेन पर लगे हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की दिल्ली जाने वाली लेन पर मंच बना है। 

मंच के सामने फोल्डिंग वाले छोटे और मझले टेंट लगे हैं। मंच के पीछे बड़े टेंट  वाले लगे हैं। मंच के पीछे सोमवार को दो बड़े टेटों की संख्या और बढ़ गई। यहां गांव का घर थीम पर एक टेंट तैयार किया जा रहा है। दूसरी तरफ लिंक रोड पर भी किसानों ने बड़े टेंट लगा लिए हैं। किसान इंदिरापुरम को जाने वाली लेन पर वाहन खड़े रखते हैं। इस रोड पर वाहन चलते भी हैं। ऐसे में दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है।

आपको बता दे कि अब तक किसान संगठनों की सरकार के साथ 9 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। 15 जनवरी की वार्ता भी बेनतीजा रही, अब 19 जनवरी को बातचीत होगी।

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