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वो तुष्टिकरण के विरुद्ध पहली बेबाक आवाज थी.. जब अटल जी ने कहा था - "बाहर से भी और अंदर से भी... मैं हिन्दू हूँ.."

हिन्दू कितना धर्मनिरपेक्ष है ,जब जी अटल जी ने बताया तो नजर नहीं उठा पाये वामपंथी कांग्रेस सांसद

Sudarshan News
  • Oct 30 2020 4:09PM

हिन्दू क्या है !उसका जवाब अटल जी  भरी संसद में दे गये थे ।जो हिन्दुओ का उपहास उड़ाते हैं उन्हें अटल जी के उस  भाषण से पता कर लेना चाइये  जिसमे उन्होंने अपने हिन्दू होने का  परिचय वामपन्थी व विपक्षी सांसदों  संसद को कराया था।  अटल जी के मुख से निकलने वाले  शब्दोको आज भी संजोय रखना  भारत के लिए  संजीवनी होगी। विरोधयो को जवाब किस शैली से देना है वो अटल जी से सीखना चाहिए ।

राम मंदिर के पर कुछ कड़वी तो दोस्तो किस्सा कुछ यूं था।कि 16 मार्च2002 को अटल जी राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोकसभा में अयोध्या की  स्थिति पर जवाब दे रहे थे।उनके बोलने के पहले कांग्रेस, वामपंथ सहित अन्य दलों और विचारधाराओं के सांसद अटलजी पर दबाव बनाने के लिए खूब प्रश्न उछाल चुके थे। कुछ ने तो यहां तक कह दिया कि 'अटलजी प्रधानमंत्री बने रहने के लिए बाहर तो अपनी छवि धर्मनिरपेक्ष रखते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर वे हिंदू संगठनों को समर्थन देते हैं'।

 जब उनके ऊपर लग रहे निराधार आरोपो को सुनते हुए अटल जी जवाब देने के लिए खड़े हुए तो सब सन्न रह गये।जब उन्होंने अपना वक्तव्य अपने सम्मोहक अंदाज में पेश करने लगे तो सब सांसद चुप होकर सुनने लगे अटल जी बोले  जो मुझ पर सिर्फ बाहर से धर्मनिरपेक्ष होने का आरोप लगा रहे हैं, वे जरा मुझे ये समझा दें कि विचार प्रक्रिया में ये अंदर और बाहर क्या होता है।इस बात को सुनकर सभी सांसद भौचक्के रह गये।

फिर अटल जी ने सभी को अपने हिन्दू होने का एहसास कराया और अटलजी फिर बोले- 'मैं अंदर से भी हिंदू हूं और बाहर से भी। हिंदुत्व मेरे प्राण हैं और यह मेरी संस्कृति, मेरे संस्कार हैं। कोई दूसरा यह कैसे तय कर सकता है कि मैं अंदर से क्या हूं और बाहर से क्या!" उनके तल्ख लहजे से सदन में सन्न्ाटा और गहरा हो गया। जब सब चुप हो गए तो अटलजी अपने विन्रम अंदाज में बोले- 'धर्मनिरपेक्षता क्या होती है, यह सवाल उठाने वालों को हिंदू धर्म से सीखना चाहिए। इस संसार में सनातन धर्म से ज्यादा धर्मनिरपेक्ष कोई और नहीं। यही है जो सबको अपने में समा लेता है। और आप हमें धर्मनिरपेक्षता का पाठ पढ़ा रहे हैं।"

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