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पश्चिम बंगाल में धर्म की ध्वजा के सबसे बड़े वाहक तपन घोष जी का श्रीराम लोक को प्रस्थान. रुला गए राष्ट्रभक्तों को

जब जब धर्म का सच्चा इतिहास लिखा जाएगा तब तब तपन घोष जी उसमे ससम्मान शामिल होंगे.

Rahul Pandey
  • Jul 12 2020 10:38PM
यह वह प्रदेश है जहां पर भाईचारे के नाम पर लोगों ने रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की पैरवी खुलेआम देखी है। यहां से खुलेआम जिहाद के नारे सड़कों पर लगाते और केंद्र की सत्ता को चुनौती देते कई बार कई लोग सुनाई दिए हैं। यह वह प्रदेश है जहां की मुख्यमंत्री खुद आगे बढ़कर अपने राज्य में बीएसएफ के जवानों की तैनाती का विरोध करती है। यह वह प्रदेश है जहां पर केंद्र की संस्था सीबीआई को गिरफ्तार कर लिया जाता है।

 यही वह जगह है जहां रामनवमी मनाने वाले हिंदुओं पर या तो लाठी चार्ज होता है या फिर मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। यही वह जगह है जहां पर मदरसों को भारी अनुदान दिया जाता है। इसी प्रदेश में चुनाव के दौरान बूथ कैपचरिंग और प्रतिनिधियों की हत्याएं खुलेआम देखने को मिलती है। यहां पर वामपंथियों का एक लंबे समय तक शासन रहा और अब उसके बाद वामपंथियों से कहीं आगे निकल चुकी ममता बनर्जी जी शासक है । अब आप कल्पना कर सकते हैं ऐसे स्थान पर हिंदू और हिंदुत्व की बात करना कितना मुश्किल और कठिन कार्य रहा होगा पर दिवंगत तपन घोष जी ने इस मुश्किल और कठिन कार्य को अपनी जान हथेली पर रखते हुए किया। 

अपना जीवन काल रामनामी वस्त्र पहन कर जय श्रीराम के नारे लगाते हुए बिताबे वाले तपन घोष जी का बंगाल में हिंदुत्व को विरोधियों की लहर में भी बचाने का योगदान अनंत काल तक इतिहास में अमर रहेगा। तपन घोष जी ने आज यह लोक छोड़कर प्रभु श्रीराम के लोक में प्रस्थान किया है लेकिन पीछे छोड़ गए हैं अपने तमाम चाहने वालों के ह्रदय में एक भारी वेदना और पीड़ा। इसी के साथ एक बड़ा सवाल भी खड़ा हुआ है कि अब पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की आवाज कौन उठाएगा। तथाकथित सेकुलरिज्म की आंधी में इनके सतकर्मों को कभी प्रमुखता नहीं दी गई पर धर्म निष्ठ हिंदुओं ने इनके साथ कर्मों को पहचाना और आज इनके एक-एक कार्य को याद करके हिंदू समाज भाव विह्वल है।

 खुद सुदर्शन न्यूज़ प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके जी ने ट्वीट करके कहा है कि- बंगाल के हिंदू शेर तपन घोष दा का निधन हो गया है. बंगाल में जैसे को तैसा, सामने से टकरा कर जवाब देने वाला हिंदू नेता अब नहीं रहा. मैं स्वयं उनके कई कार्यक्रमों में सम्मिलित हुआ हूँ, वह भी मेरे साथ कई बार सुदर्शन के चर्चा में रहे हैं. ईश्वर से प्रार्थना है उन्हें जल्दी से जल्दी पुनः बंगाल को बचाने के लिए भेजे.

सुदर्शन परिवार विरोधों की आधी में धर्म की ध्वजा को सदा संभाले रहने वाले तपन घोष जी को शत शत नमन करते हुए उनकी इस गाथा को जन-जन तक पहुंचाने और पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के अस्तित्व की लड़ाई उनके बाद ही जारी रखने का संकल्प लेता है।

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1 Comments

Dukhad

  • Guest
  • Jul 14 2020 10:32:38:730AM

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