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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए ये बड़े ऐलान... जानें

मोदी के आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में एक और पहल करते हुए प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए देसी गाय की खरीद पर 25 हजार रूपये तक की सब्सिडी देने व प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत का घोल तैयार करने के लिए चार बड़े ड्रम किसानों को निशुल्क देने की घोषणा की।

Geeta
  • Jun 27 2022 7:44PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में एक और पहल करते हुए प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए देसी गाय की खरीद पर 25 हजार रूपये तक की सब्सिडी देने व प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत का घोल तैयार करने के लिए चार बड़े ड्रम किसानों को निशुल्क देने की घोषणा की। ऐसा करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य होगा।

 मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को करनाल के डॉ० मंगलसैन ऑडोटोरियम हॉल में प्राकृतिक खेती पर आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर   मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए देसी गाय की खरीद पर 25 हजार रूपये तक की सब्सिडी देने व प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत का घोल तैयार करने के लिए चार बड़े ड्रम किसानों को निशुल्क देने की घोषणा की।

  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती का मूल उद्देश्य खान-पान को बदलना है, इसके लिए हमें खाद्यान ही औषधि की धारणा को अपनाना होगा। प्राकृतिक खेती ही इसका एकमात्र रास्ता है। प्रदेश के 50 हजार एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है, लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए हर खंड में एक प्रदर्शनी खेत में प्राकृतिक खेती की करवाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कृषि विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया और प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के टिप्स दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टल पर रजिस्टर्ड 2 से 5 एकड़ भूमि वाले किसानों, जो स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाएंगे, उन्हें देसी गाय खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का विषय मन को छूने वाला है। वित्त मंत्री के रूप में जब वे विभिन्न विभागों के बजट की समीक्षा करते हैं तो कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग के बजट आबंटन के समय उनकी सोच बदल जाती है और वे चाहते हैं कि अगर हमारा खान-पान ठीक होगा तो स्वास्थ्य विभाग को इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य दवाईयों के लिए ज्यादा बजट की जरूरत नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि अगर हम बीमार होते हैं तो औषधि लेने जाते हैं और अब प्राकृतिक खेती स्वास्थ्य के विकल्प के रूप में हमारे पास है, उसे जीवन में अपनाना है। प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए केन्द्र से जो बजट मिलेगा, उससे ज्यादा हरियाणा सरकार भी देगी।  



बाइट: मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा 

वीओ: कार्यक्रम के दौरान सीधे संवाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए प्राकृतिक खेती का प्रदर्शन प्लांट लगाने हेतु पोर्टल बनाया जाएगा। इस पोर्टल पर जमीन की पूरी जानकारी देने के साथ-साथ किसान स्वेच्छा से फसल विविधिकरण अपनाने बारे जानकारी देंगे। इसके अलावा वे दलहनी फसलें उगाने बारे भी जानकारी देगा। इस प्रकार विभाग के पास पूरी जानकारी होगी तो आसानी से मोनिटरिंग की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को 20-25 के छोटे-छोटे समूह में प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे अच्छी तरह से फसल उत्पादन बारे जानकारी ले सकें। प्राकृतिक खेती के उत्पादों की पैकिंग सीधे किसान के खेतों से ही हो, ऐसी योजना भी तैयार की जाएगी ताकि बाजार में ग्राहकों को इस बात की शंका न रहे कि यह प्राकृतिक खेती का उत्पाद है या नहीं।

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