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बहुत कीमत चुकाई गई है सेकुलरिज्म की इस देश में.. रामायण में श्रीराम का पात्र निभाने वाले अरुण गोविल जी को अब तक नहीं मिला किसी भी सरकार से कोई भी सम्मान जबकि कई इनामो से नवाजे गये हैं अश्लील फिल्मे बनाने वाले कई अन्य कलाकार

खुद छलका अरुण गोविल जी का दर्द ट्विटर पर.

Sudarshan News
  • Apr 26 2020 1:42PM
संभवतः आपने भी कान पुरष्कार या अन्य तमाम फ़िल्मी कलाकारों के लिए आयोजित होने वाले इनामो को TV पर देखा होगा. उसमे से कई ऐसे लोगों ने भी इनाम जीत लिया जिन्होंने भारत की आर्थिक , सामाजिक और सांस्कृतिक सभ्यता को नुकसान पहुचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी. लेकिन जिस रामायण धारावाहिक ने उस समय अर्थात 30 साल से ज्यादा के समय में देश और दुनिया भर के हिन्दुओं को बाँध कर रखा था और 30 साल से भी ज्यादा समय के बाद दुबारा देश को भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता की शिक्षा देने में भगवान् श्रीराम का पात्र निभाया था उन्हें आज तक किसी भी प्रकार से कोई पुरष्कार नहीं दिया गया.. यद्दपि रामायण में न सिर्फ भगवान श्रीराम बल्कि माता सीता , लक्ष्मण , रावण , भरत, हनुमान , सुग्रीव तक ने एक से बढ़ कर एक रोल अदा किये थे.. फिर भी उन्हें इस योग्य समझा ही नहीं गया था कि उनको सम्मानित किया जाय.

इन पात्रों में से कई अमूल्य पात्र अब दुनिया में नही हैं..आख़िरकार प्रमुख रोल श्रीराम का निभाने वाले अरुण गोविल जी का दर्द किसी न किसी रूप में सामने आ ही गया जिसके बाद देश ये समझने का प्रयास कर रहा है कि भारत की तथाकथित धर्मनिरपेक्षता की कीमत इस देश और इस देश के शुभचिंतको ने कितनी और कितने समय से चुकाई है. कडाउन में दूरदर्शन पर रामायण के लौटने से सीरियल के सारे स्टार्स एक बार फिर सुर्ख‍ियों में आ गए हैं. शो में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल की चर्चा सबसे ज्यादा है. लेकिन क्या आप जानते हैं, इतने लोकप्रिय किरदार को निभाने के बावजूद आज तक उन्हें किसी सरकार द्वारा सम्मान‍ित नहीं किया गया है. इस बात का खुलासा खुद एक्टर ने ट्वीट के जरिए दिया है.

दरअसल, ट्व‍िटर पर एक पोर्टल से सवाल-जवाब के दौरान अरुण गोव‍िल ने इस बात का खुलासा किया. पोर्टल ने अरुण से जब पूछा कि अभिनय जगत खासकर रामायण में योगदान के बाद उन्हें किसी पुरस्कार से सम्मान‍ित नहीं किया गया. इस पर जवाब देते हुए अरुण ने कहा- ‘चाहे कोई राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार, मुझे आज जक किसी सरकार ने कोई सम्मान नहीं दिया है. मैं उत्तर प्रदेश से हूं लेकिन उस सरकार ने भी मुझे आज तक कोई सम्मान नहीं दिया. और यहां तक कि मैं पचास साल से मुंबई में हूं, लेकिन महाराष्ट्र की सरकार ने भी कोई सम्मान नहीं दिया है.’ रामायण में उनके अनूठे प्रदर्शन के बावजूद कोई सम्मान ना मिलने का दर्द अरुण की इन बातों से साफ झलकता है. अरुण गोविल ने रामायण में राम का रोल निभाने के बाद भी कई फिल्मों और सीरियल्स में काम किया. लेकिन रामायण ने उनकी ऐसी पहचान बनाई कि उनके द्वारा निभाए दूसरे किरदार राम के आगे टिक नहीं पाए.

खुद अरुण गोविल जी कहते हैं कि रामायण में काम करने के बाद उनका करियर खत्म सा हो गया. वो कहते हैं- ‘रामायण के बाद मैंने कई सीरियल्स में काम किए. लेकिन मेरी राम वाली छवि लोगों के मन पर ऐसी हावी थी, कि मैं उस कैरेक्टर से कभी बाहर ही नहीं आ पाया. मुझे रामायण से पहले तो फिल्में मिलती थी लेकिन बाद में नहीं मिली.’अरुण गोविल रामायण के रीटेलीकास्ट के बाद से काफी चर्चा में आ गए हैं. उनके अलावा लक्ष्मण यानी सुनील लहरी और सीता यानी दीपिका चिखलिया भी सुर्ख‍ियों में बने हुए हैं. सभी सोशल मीडिया पर काफी एक्ट‍िव हो गए हैं. वे रामायण की शूट‍िंग के दौरान के अपने अनुभव बताते रहते हैं.

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