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सेकुलर हुआ करते थे मालिक रामेश,.. और इसी धर्मनिरपेक्षता के चलते उन्होंने नौकर रखा था इरफान और अजीज को

नहीं मिला सैलरी का पूरा पैसा, तो फिर दिखाई कट्टरता मालिक का अपहरण कर पत्नी से मांगे 4 लाख, हुए गिरफ्तार

Sudarshan News
  • Oct 31 2020 6:48PM

भारत में जहां एक और लवजिहाद चरम पर जाता दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर इनमें से कुछ कट्टरपंथियों ने सैलरी का पुरा पैसा ना मिलने पर दफ्तर के मालिक रमेश चंद्र को अपने दोस्तों संग मिलकर अपहरण कर लिया। आरोपियों ने अपहरण करने के बाद उसकी पत्नी से फोन कर 4 लाख रुपयों की फिरौती मांगी, ऐसा ना करने पर आरोपियों ने पीड़ित रमेश चंद्र की हत्या करने की धमकी भी दे डाली।

आरोपियों के द्वारा अपने पति के अपहरण हो जाने की बात को सुनकर पत्नी घबराते हुए पुलिस थाने जा पहुंची, जहां पत्नी ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने अपहरण की धाराओं में केस दर्ज कर पीड़ित को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के जंगलों से सकुशल मुक्त करवा लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, बाकी के दो आरोपियों कि पुलिस छापेमारी कर रही है।

क्या है पूरा मामला, पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि 24 अक्टूबर को मालवीय नगर थाने में एक महिला ने अपने पति के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। उसने कहा कि आरोपीयों ने मुझसे 4 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। इस पर पुलिस ने तुरंत तहकीकात शुरू कर दी, पुलिस ने रमेश के साथियों, परिजनों से पूछताछ की, जिस नंबर से पीड़ित की पत्नी को फिरौती के लिए कॉल आया था, उस नंबर की जानकारी जुटाई, पुलिस टीम को रमेश के साथ काम करने वाले लोगों से पूछताछ में इरफान और उसके झगड़े के बारे में पता चला।

जिसके बाद पुलिस ने फिरौती वाले नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि आरोपियों ने पीड़ित को उत्तर प्रदेश के सीतापुर के जंगलों में अपहरण करके रखा है।पुलिस टीम 'सीतापुर' उत्तर प्रदेश पहुंची जहां से स्थानीय पुलिस की मदद से पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और रमेश को जंगल से सकुशल मुक्त करवा लिया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, आरोपियों से पूछताछ के बाद बाकी के दो आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनकी छापेमारी कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

आपको बता दें गिरफ्तार किए गए आरोपियों में इरफान अली, अजीज अली और बबलू शामिल है। पुलिस की पूछताछ में कट्टरवादी इरफान अली ने बताया कि वह दिल्ली में रमेश के लिए पत्थर का काम करता था, लेकिन कई महीनों से उसकी सैलरी ना बढ़ने के कारण उसका रमेश के साथ विवाद हो गया, जिसके बाद उसने नौकरी छोड़ दी

। नौकरी छोड़ने के बाद उसके सर पर बदले की आग मंडराने लगी, जिसके लिए इरफान ने रमेश को लखीमपुर खीरी मैं बड़ा पत्थर का काम दिलवाने को लेकर झांसा देते हुए लखीमपुर खीरी 'बस स्टैंड' बुला लिया, जहां उसे वकील, अजीज अली और बबलू ने उसका अपहरण कर लिया और उसे जंगल में ले जाकर बंधक बना लिया। इसके बाद बदले की आग में अंधे हुए इरफान ने रमेश की पत्नी को फोन कर 4 लाख फिरौती की रकम मांगी थी।

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