सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सहयोग करे

Donation

जितने मुस्लिम दंगाई पकड़े लगभग उतने ही हिन्दू भी भेज दिए जेल.. दिल्ली में वो कौन सा अधिकारी है जो दे रहा साम्प्रदायिक बैलेंस ?

Delhi Riots: हिंसा पर आई चौंकाने वाली रिपोर्ट पुलिस ने चलाई थी 461 गोलियां और दागे 4000 आंसू गैस के गोले

Shiv Kumar
  • Mar 5 2021 7:03PM

पिछले साल 23 से 27 फरवरी के बीच के वो दर्दनाक दिने कौन भूल सकता है जिसने राजधानी दिल्ली को काली यादें दी हैं। नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में प्रदर्शनों के नाम पर दिल्ली को दहला दिया गया था। अब इसी घटना पर दिल्ली पुलिस की एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं। 

दरअसल दिल्ली पुलिस ने रिपोर्ट में बताया है कि पिछले साल पूर्वोत्तर दिल्ली के कुछ हिस्सों में हुई हिंसा को शांत करने के लिए पुलिसकर्मियों ने हवा में कम से कम 461 गोलियां चलाई थीं और 4,000 आंसू गैस के गोले दागे थे। इस हिंसा में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 581 अन्य घायल हो गए थे। जांच के दौरान पुलिस ने अब तक 1,753 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 820 हिंदू और 933 मुस्लिम शामिल हैं।

बता दें कि दिल्ली हिंसा के दौरान जितनी गोलियां और आंसू गैस के गोले दागे गये, उतने हाल ही के समय में किसी जगह नही हुए हैं। पुलिस के अनुसार दंगाईयों ने पुलिस को उकासाने की बहुत कोशिश की पर पुलिस ने सिर्फ हवा में ही गोली चलाई। 

रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया .....

पुलिस जांच में पता चला है कि दंगों से पहले कई दंगाइयों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से हथियार खरीदे थे। दिल्ली हिंसा के दौरान एक पूर्वोत्तर दिल्ली निवासी की तस्वीर सामने आई थी, जो पिस्तौल पकड़े हुए था, जो हिंसा के बीच में एक पुलिस अधिकारी को बंदूक दिखा रहा था, जिसे बाद में शाहरुख पठान के रूप में पहचाना गया था। शाहरुख के मामले में, उसने जिस पिस्तौल का इस्तेमाल किया (बाद में बरामद किया गया) मुंगेर, बिहार से खरीदी गई थी। उसने इसे मुंगेर में एक अवैध बंदूक कारखाने के एक कर्मचारी से खरीदा था।

पुलिस ने कहा है कि जब दंगाइयों ने पिस्तौल और अन्य हथियार चलाए, तो उनके सभी अधिकारियों ने जवाब में सिर्फ हवाई हमला किया और सड़क पर किसी भी दंगाई को गोली नहीं मारी।मरने वाले 53 लोगों के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बाद में पता चला कि उनमें से कम से कम 13 लोग बंदूक की गोली के घाव से मर गए थे।

बता दें कि दिल्ली दंगों का मुख्य कारण नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में प्रदर्शन रहा है। प्रदर्शन की आड़ में दगाईयों ने जमकर उत्पात मचाया। स्थानी लोगों के अनुसार इस दंगें में बाहरी लोग भी शामिल थे। वहीं कुछ खबरों के अनुसार माना गया है कि दंगो की शुरुआत वहा से वही  जहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं। वहीं इस दंगें में आम आदमी पार्टी के पार्षद रहे ताहीर हुसैन की भूमिका भी बड़ी रही है।

सहयोग करें

हम देशहित के मुद्दों को आप लोगों के सामने मजबूती से रखते हैं। जिसके कारण विरोधी और देश द्रोही ताकत हमें और हमारे संस्थान को आर्थिक हानी पहुँचाने में लगे रहते हैं। देश विरोधी ताकतों से लड़ने के लिए हमारे हाथ को मजबूत करें। ज्यादा से ज्यादा आर्थिक सहयोग करें।
Pay

ताज़ा खबरों की अपडेट अपने मोबाइल पर पाने के लिए डाउनलोड करे सुदर्शन न्यूज़ का मोबाइल एप्प

4 Comments

दिल्ली दंगा के सम्बन्ध में जेल भेजने के क्रम मे हिन्दू औ मुसलमानों की अनुपात का ध्यान तो पुलिस वालो ने हि रखा ।यह दिन के उजाले की तरह है । क्योंकि लगता है पुलिस अधिकारी नोटो के बोझ तले दबा हुआ महसूस होता है । और वर्तमान सरकार ऐसे कार्यवाही के एजेंट लगता है । जब तक यह सरकार रहेगी ऐसे कार्यक्रम होता रहेगा । पैसे की कमी नहीं है । लेकिन दिल्ली की जनता लगता है इस से वास्ता नहीं रखता है ।

  • Guest
  • Mar 6 2021 12:15:13:687PM

ये दंगा नहीं जानबूझकर किया हिंदू नरसंहार है ।

  • Guest
  • Mar 6 2021 3:41:55:667AM

ये दंगा नहीं जानबूझकर किया हिंदू नरसंहार है ।

  • Guest
  • Mar 6 2021 3:41:42:803AM

ये दंगा नहीं जानबूझकर किया हिंदू नरसंहार है ।

  • Guest
  • Mar 6 2021 3:38:13:007AM

संबंधि‍त ख़बरें

ताजा समाचार