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दलित लडकी को उसकी ससुराल से ले गया इमरान.. भारत में भी वो सब शुरू जो अब तक सुनाई देता था पाकिस्तान में

लाचार पिता लगा रहा बेटी को वापस पाने की गुहार लेकिन नहीं हो रही कहीं भी सुनवाई.

अम्बुज मिश्रा - हरदोई
  • May 28 2020 8:04PM

ये वो घटनाए हैं जो अक्सर पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सुनाई दिया करती थी. घरों से महिलाओं को उठा ले जाना और उसके बाद उन लडकियों /  महिलाओं के लिए थानों के चक्कर लगाना आदि की घटनाए अगर इस से पहले पाकिस्तान में सुनी और देखी जाती थी तो अब उसको जीवंत और साक्षात रूप में उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई में देखा जा सकता है जहाँ पर लड़की के पिता के अनुसार एक दलित महिला को इमरान नाम का एक उन्मादी घर से उठा ले गया और किसी भी मिन्नत के बाद भी छोड़ने को तैयार नहीं है. सबसे खास बात ये है कि ये घटना उत्तर प्रदेश योगीराज की है.

विशेष बात ये है कि दलित वोटों के नाम पर राजनीति करने वाले तमाम बड़े नाम इस मामले में चुप हैं और सिर्फ हिन्दू समाज में विघटन पैदा करने की सोच रखने वाले ट्विटर के एक्सपर्ट भी इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं. पीड़ित पिता को अब हरदोई पुलिस से ही अंतिम उम्मीद है. असल में ये पूरा मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के ग्राम रज्जू पुरवा का है जहां पर एक दलित लड़की की शादी लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व मैगलगंज के खाखरा मोहल्ला में  शंकर के पुत्र विनोद के साथ हुई थी . पीड़ित पिता का आरोप है कि अपहरण करने वाला इमरान उनके ही गांव का रहने वाला है जिसको वो भाईचारे के सिद्धांत के चलते कभी अलग नहीं समझा. 

पीड़ित पिता के अनुसार ये घटना बीती होली की है जब जाकिर का बेटा इमरान उनकी लड़की को उसकी ससुराल से जबरदस्ती गांव ले कर चला आया. इस बात की सूचना जब पीड़ित राजेश को हुई तो पीड़ित पिता अपनी पुत्री से मिलने के लिए इमरान के घर जाता है तो इमरान अपने अब्बा जाकिर के साथ मिल कर पीड़ित को जातिसूचक शब्द बोल कर व् गाली देते हुए अपमानित करते हुए गाली गलौज करके घर के दरवाजे से भगा देता है. इसके बाद भी किसी समूह संगठन ने उनकी मदद नहीं की और थक हार कर पीड़ित कई महीनों से लखीमपुर खीरी से लेकर हरदोई जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के साथ उनके आवास के चक्कर लगाता फिर रहा है. 

आगे इस पीड़ित पिता का कहना है कि जब वो प्रार्थना पत्र लेकर देहात कोतवाली गए तो वहां पर इंस्पेक्टर साहब के द्वारा उसको भगा दिया गया. उसके अनुसार उसकी फरियाद नहीं सुनी गई. सुदर्शन न्यूज़ हरदोई संवाददाता अम्बुज मिश्रा को पीड़ित पिता ने आगे बताया कि उसके बाद मैंने जिला अधिकारी हरदोई तथा एएसपी हरदोई को कई एक प्रार्थना पत्र दिए लेकिन प्रार्थना पत्र तो मेरे ले लिए जाते हैं लेकिन इमरान के घर में बंधक उसकी बेटी को छुडवाने के लिए अभी तक कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं की गई.  

उत्तर प्रदेश में इतने कड़े निर्देशों के बाद भी एक दलित लडकी को मुस्लिम समुदाय के द्वारा जबरन २ माह से उसके ही घर के बगल कैद जैसे कर के रखने की घटना हर किसी को हैरान कर देने वाली है. गाँव में किसी भी दलित के अन्दर साहस नहीं है कि वो इमरान के परिवार का मुकाबला कर सके, इसलिए थक हार कर वो सिर्फ अधिकारियो और पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं. धीरे धीरे इस देरी के चलते उन्मादियो के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और लाचार पिता हिम्मत हारता जा रहा है. 

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4 Comments

Is सूअर को देस दे बाहर करना होगा ना भागे तो सेना को आदेश दिया जाए और हर घर मे घुस कर एक एक को गोली से भुन दिया जाए yehi है देस का दुश्मन और हिन्दुओ का dusman

  • Guest
  • Jun 4 2020 7:49:16:353PM

Sashi sage aayega inquiry hone do prasasan Kanun Sashi to hai

  • Guest
  • May 31 2020 7:07:25:310AM

Nibhaoge bhai chara to bankar rah jaoge sirf chara....itihaas gawah h iska

  • Guest
  • May 30 2020 11:20:52:943AM

Mullo aaukat bhulta ja raha ho

  • Guest
  • May 29 2020 9:56:19:533PM

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