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नेता बता रहे थे बकरीद को शांति का मज़हब उधर कैराना में आपस मे भिड़ गया कुरैशी परिवार

हालात यहां तक बिगड़े कि चल गई गोलियां और बुलानी पड़ी पुलिस.

Rahul Pandey
  • Aug 4 2020 3:09PM

इस दिन गैर मुस्लिम नेता कुछ ज्यादा ही सक्रिय दिखाई दे रहे थे।   बड़े-बड़े मंच सचिव थे और दावतों का दौर चालू था। सभी नेताओं में यह होड़ मची थी कि कौन इस पर्व को कितना शांति और भाईचारे का दिन घोषित कर देगा। चारों तरफ हलाल हुए बकरों की खाल हड्डी और मांस दिखाई दे रहे थे। कईयों के हाथ खून में तरबतर था और कुछ की नालियों में खून बहता दिखाई दे रहा था। इसके बावजूद भी नेताओं में यहां होड़ मची थी के इस दिन को शांति प्यार दया और करुणा का दिन कौन किस से ज्यादा घोषित कर लेगा। असल में भारत की मूल धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत नेताओं की यही बयान बाजी बन चुकी है। फिलहाल   उत्तर प्रदेश के शामली जनपद के कैराना बाजार में जो कुछ भी हुआ वह सेकुलरिज्म के इन सिद्धांतों से बिल्कुल भी मेल नहीं खाता। ध्यान देने योग्य है कि उत्तर प्रदेश के जनपद शामली के कैराना बाजार में बकरीद के दिन ही एक ही मुसलमान परिवार के दो पक्ष आपस में बुरी तरह भिड़ गए और हालात यहां तक बिगड़े की एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर गोली चलाई जिससे माहौल और ज्यादा भयावह हो गया।

कुछ ही समय पहले पुलिस की आंतरिक कमजोरी दिखाने वाले बेहद विवादित छवि के इंस्पेक्टर यशपाल धामा के कृत्य के चलते भी यह माना जा सकता है कि कैराना में इस प्रकार के उन वादियों के हौसले बुलंद थे क्योंकि उन्हें पता था कि स्पेक्टर यशपाल धमाका सारा जोर और जबरदस्ती अपने ही डिपार्टमेंट में अपने अधीनस्थों के ऊपर है। यशपाल धामा द्वारा अपने ही डिपार्टमेंट में दादागिरी दिखाने के चक्कर में कुरेशी परिवार जैसे कुछ लोग   कानून से डरना बंद कर चुके थे।  यह देख स्पेक्टर प्रेम भी राणा और डीएसपी प्रदीपसिंह के नेतृत्व में पुलिस ने बिगड़ते हालात को फौरन संभाला और दोनों पक्षों को कानूनी कार्यवाही और कानून की धाराओं के अंतर्गत निरुद्ध किया।

 मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के शामली के कैराना थाना क्षेत्र में दो दिन पूर्व ईद पर हुए झगड़े की रंजिश में सोमवार शाम मोहल्ला कायस्थवाड़ में कुरैशी बिरादरी के ममेरे फुफेरे भाइयों के 2 पक्षो में जमकर पथराव और फायरिंग के साथ ही धारदार हथियार चले। इस दौरान दोनों पक्षों के आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। साथ ही तहसीम नामक व्यक्ति के हाथ में भी गोली लगी। मौके पर अफरा.तफरी मचने पर बाजार बंद हो गया।

मामले में घायल के भाई इस्तकार ने कोतवाली में चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार को तीनों घायल अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद घर पहुंचे तो विरोधी पक्ष के कहासुनी हो गई जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर बवाल हुआ। सीओ प्रदीप सिंह ने बताया कि मौके पर पीएसी तैनात कर दी गई है तथा चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल इस मामले में क्षेत्राधिकारी प्रदीप सिंह की प्रशंसा की जा रही है क्योंकि उन्होंने मौके पर पुलिस बल का नेतृत्व किया और किसी बड़ी अनहोनी की घटना को होने से प्रभाव से रोका।

 

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