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रेप केस में फंसे चचेरे भाई को बचा रहे थे चिराग पासवान? FIR में नाम आने पर कही ये बात

चिराग पासवान का बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैं पहले से ही कह रहा हूं मुझे मामले की जानकारी थी।

Abhinya
  • Sep 15 2021 6:09PM

14 सितंबर 2021 को अदालत के आदेश के बाद चिराग पासवान के चचेरे भाई प्रिंस राज पासवान पर एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। जिसमे चिराग पासवान का नाम आया था पीड़ित महिला ने चिराग पासवान पर भी आरोप लगया कि उसने चिराग को इस हादसे के बारे में बताया था। पीड़िता के मुताबिक, जब चिराग पासवान ने भी उसकी बात नहीं सुनी तो वह एफआईआर को लेकर कहने लगी, बाद में चिराग पासवान ने मुलाकात कर किसी तरह का केस ना करने को कहा। पीड़िता का आरोप है कि चिराग पासवान ने पार्टी अध्यक्ष रहते हुए इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया।

 आपको बता देंमामला बढ़ता देख बुधवार को चिराग पासवान का बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैं पहले से ही कह रहा हूं मुझे मामले की जानकारी थी। मैंने जनवरी में दोनों पक्षों की बात सुनी थी। मैं पहला व्यक्ति था, जिसने यह सुझाव दिया था कि इस मामले के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई जाए। मैं कोई जांच एजेंसी नहीं हूं। मैं अभी भी न्याय के पक्ष में हूं। जो भी दोषी हो उसे सजा मिले। 

I heard both sides in Jan but I'm not investigating authority to take any decision. I suggested, they should go to police &report the incident & let the matter be probed. I'm still in favour of bringing accused to justice: LJP leader Chirag Paswan on FIR against LJP MP Prince Raj pic.twitter.com/FpPkKodn9R

— ANI (@ANI) September 15, 2021

FIR में महिला ने कहा है कि होटल में रेप की बात मैंने चिराग पासवान को बताई थी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। चिराग पासवान को सबूत मिटाने का आरोपी बनाया गया है। 

बता दें, लोजपा सांसद प्रिंस राज पासवान ने दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी बचने के लिए मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की और आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता उनसे उगाही करने की कोशिश कर रही थी। प्रिंस राज की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर गुरुवार को विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल की अदालत में सुनवाई होने की संभावना है।

आपको बता दें कि अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रिंस राज ने वकील नितेश राणा के जरिये अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है। वकील ने दावा किया कि कथित पीड़िता और उसका पुरुष साथी वर्ष 2020 से ही प्रिंस राज से रुपयों की उगाही और ब्लैकमेल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कथित पीड़िता और उसके एक साथी ने प्रिंस राज से एक करोड़ रुपये की मांग की थी और राशि का भुगतान नहीं करने की स्थिति में उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी दी थी।

इसके आगे वकील राणा ने बताया कि इस संबंध में दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने में 10 फरवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी और मामले में महिला और उसके साथी को जुलाई में अग्रिम जमानत मिली थी। उन्होंने बताया कि 31 मई को महिला ने प्रिंस राज के खिलाफ कथित दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई गई। वकील ने बताया कि इसके बाद महिला ने अदालत का रुख किया और अपनी शिकायत पर प्रिंस राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया जिस पर अदालत ने पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट तलब की थी।

राणा ने जानकारी दी कि इसके बाद महिला ने अदालत का रुख किया और अपनी शिकायत पर प्रिंस राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया जिस पर अदालत ने पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट तलब की थी।लिस द्वारा अदालत के समक्ष पेश कार्रवाई रिपोर्ट में कहा गया कि महिला की शिकायत में कोई तथ्य नहीं मिला है और यह मामला उगाही का है। राणा ने दावा किया कि महिला और उसका दोस्त मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे थे और प्रिंस राज को धमकी देने और पैसे के लिए बातचीत रिकॉर्ड की थी। 

उन्होंने दावा किया कि महिला मई में पुलिस के समक्ष दर्ज कराई अपनी शिकायत की जांच में मदद करने के लिए पेश नहीं हुई। राणा ने कहा कि मेरे मुवक्किल ने पहले ही अपना मोबाइल फोन और अन्य सबूत पुलिस को सौंप दिए हैं और जांच एजेंसी की जांच में मदद कर रहे हैं।

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