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संभाजी नगर में जिस प्रकार पुलिस पर हमला हुआ उसके बाद उठने लगे सवाल.. क्या दंगाइयों में खत्म होता जा रहा महाराष्ट्र पुलिस का ख़ौफ़

उद्धव सरकार आने के बाद दिख रहा है आमूलचूल परिवर्तन..

Sudarshan News
  • Apr 29 2020 1:33PM
महाराष्ट्र की ही मुंबई पुलिस किसी समय में विश्व में दूसरे नंबर की पुलिस भी नहीं जाती थी। पहले नंबर पर स्कॉटलैंड यार्ड की पुलिस हुआ करती थी। महाराष्ट्र पुलिस की इसी उपलब्धि को भारत की अन्य पुलिस प्रेरणा के रूप में लेती थी और उनके जैसी ही कार्यशैली का अनुसरण करती थी। महाराष्ट्र के ही कानून मकोका को आज भी कई अन्य प्रदेशों में पुलिस द्वारा बड़े अपराधों के उन्मूलन के लिए प्रयोग किया जाता है। लेकिन जिस प्रकार से पालघर में साधुओं को इसी महाराष्ट्र पुलिस ने अपने हाथों से मौत के मुंह में धकेल दिया उसके बाद मुंबई के एक व्यक्ति ने उद्धव सरकार से सीधे-सीधे रमजान में मुसलमानों को ना पकड़ने की मांग कर डाली तब लोगों के मन में कहीं-कहीं पीड़ा होने लगी थी जरूर बदलता जा रहा है महाराष्ट्र पुलिस का रुतबा जिसके लिए जानी जाती थी।

जनता के मन की इस पीड़ा को संभाजी नगर में हुए कृत्य ने और ज्यादा बढ़ा दिया जहां पर दंगाइयों का इतना दुस्साहस बड़ा की  उन्होंने सीधे-सीधे पुलिस पर हमला बोल दिया। ऐसे हमले अब तक सिर्फ पश्चिम बंगाल उन्हें देखने को मिला करते थे जो अभी भी यथावत जारी है लेकिन कम से कम  महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दंगाइयों उन्मादी जिहादियों अपराधियों के आगे इस प्रकार के समर्पण की उम्मीद नासिक महाराष्ट्र के निवासियों बल्कि पूरे देशवासियों को कदापि ही नहीं थी। इसी के चलते महाराष्ट्र शासन और महाराष्ट्र की पुलिस दोनों ही नकारात्मक रूप से चर्चा में चल रहे हैं। ध्यान देने योग्य है कि महाराष्ट्र पुलिस पर औरंगाबाद यानी संभाजी नगर में किया गया है भीषण हमला जिसमें कुछ पुलिस वाले घायल हुए हैं। 

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले के बीच लोग लॉकडाउन तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में सामूहिक नमाज में शामिल होने जा रहे लोगों को रोकने गई पुलिस टीम पर पथराव किया गया। इसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले में 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तनाव को देखते हुए इलाके में कर्फ्यू लगाया गया है।

जानकारी के मुताबिक, संभाजी मार्ग स्थित एक मस्जिद में करीब 100 लोग नमाज पढ़ने जा रहे थे। पुलिस ने पहले उन्हें रोका और लॉकडाउन का हवाला देकर अपने-अपने घर लौट जाने की अपील की। इस दौरान कुछ लोग भड़क गए। घायल पुलिसवालों को जिले के घाटी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। इनमें एक अधिकारी और दो कांस्टेबल हैं।

उन्मादियों की हिंसक व बेकाबू हो चुकी भीड़ ने अचानक से पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया सूचना मिलने पर जब पुलिस का दल घटना की जांच करने पहुंचा तो लोग पत्थर फेंकने लगे। इस संबंध में 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में लॉकडाउन तोड़ने, पुलिस के काम में बाधा डालने, पथराव करने व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की जांच जारी है।

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