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हिन्दू धर्म के द्रोहियो को कहीं से भी राहत नही .. तांडव के बाद हो रहे तांडव से बचने के लिए अमेज़ॉन गया था हाईकोर्ट

तांडव वेब सीरीज मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका की खारिज

Shiv Kumar
  • Feb 26 2021 6:43PM

हिंदू देवी देवताओं का मजाक उड़ाने वाली तांडव वेब सीरीज मामले में एमेजन प्राइम वीडियो के इंडिया ओरिजिनल्स की प्रमुख अपर्णा पुरोहित को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ तांडव से जुड़े एक मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। साथ ही कोर्ट ने अपर्णा को कड़ी फटकार लगाई है।

हिंदू देवी-देवताओं का अपमान का दर्ज है मामला

दरअसल रौंजिया गांव के बलबीर आजाद ने 19 जनवरी, 2021 को गौतम बुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में रबुपुरा पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आजाद ने आरोप लगाया है कि तांडव वेब सीरीज के जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि खराब की गई है। साथ ही इसमें हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया है. यह प्राथमिकी अपर्णा पुरोहित और छह अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी। इसी मामले में अपर्णा पुरोहित ने राहत देने के अनुरोध के साथ अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी।

याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया खारिज 

इस याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिस न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की पीठ ने कहा, 'यह तथ्य सामने है कि याचिकाकर्ता ने इस देश के बहुसंख्यक नागरिकों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ एक फिल्म के प्रसारण की अनुमति देकर गैर जिम्मेदाराना कार्य किया है।'

सरकारी वकील ने जमानत याचिका का किया कड़ा विरोध 

बता दें कि सरकारी वकील ने इस जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया, उन्होंने कहा कि देश में इस विवादास्पद वेब सीरीज को लेकर कुल 10 प्राथमिकी और चार आपराधिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। यह वेब सीरीज देशभर में अनेक लोगों की भावना को ठेस पहुंचाती है. इसलिए आवेदक को किसी तरह की राहत देना उचित नहीं है।

गलत ढंग से हिंदू देवी-देवताओं के नाम का उपयोग- अदालत

इस पर अदालत ने कहा, 'हमें देखने में आया है कि कई फिल्मों में हिंदू देवी-देवताओं के नाम का उपयोग किया गया है और उन्हें गलत ढंग से दिखाया गया है जैसे 'राम तेरी गंगा मैली', 'सत्यम शिवम सुंदरम', 'पीके', 'ओह माई गॉड' आदि में.' पीठ ने आगे कहा कि पश्चिम के फिल्म निर्माता ईसा मसीह या मोहम्मद साहब का मखौल उड़ाने से बचते हैं, लेकिन हिंदी फिल्म निर्माता अब भी हिंदू देवी-देवताओं के संदर्भ में धड़ल्ले से ऐसा कर रहे हैं।

 ऐतिहासिक और पौराणिक हस्तियों की छवि भी विकृत करने के प्रयास- अदालत


अदालत ने कहा, 'यही नहीं, ऐतिहासिक और पौराणिक हस्तियों की छवि भी विकृत करने के प्रयास किए गए हैं. बहुसंख्यक समुदाय की आस्था से जुड़े नामों का उपयोग पैसा कमाने के लिए किया गया है, जैसे कि 'गलियों की रासलीला रामलीला.' उन्होंने कहा कि हिंदी फिल्म उद्योग की यह प्रवृत्ति बढ़ रही है और यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो इसके भारतीय सामाजिक, धार्मिक और सांप्रदायिक स्थिति के लिए विध्वंसक परिणाम होंगे।

बता दें कि हाल ही में इन वेब सीरीज का प्रयोग जमकर हिंदू देवी देवताओं के मजाक बनाने और हिंदू संस्कृति पर हमला करने के लिए किया गया। जिसके चलते ही सरकार ने ओटीटी स्ट्रीमिंग सेवाओं के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब हर एक सीरीज को सरकार की निगरानी से होकर गुजरना पडेगा।

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