Breaking News:

तो इसलिए मांग होती है पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने की.. वो 56 पाकिस्तानी बने भारत की सुरक्षा के दुश्मन

तथाकथित बुद्धिजीवी तथा शान्ति के ठेकेदार अक्सर एक थ्योरी दोहराते रहते हैं कि भारत पाकिस्तान के रिश्ते चाहे कैसे भी हों लेकिन दोनों देशों के बीच क्रिकेट सीरीज जारी रहनी चाहिए. लेकिन अब एक ऐसा खुलासा हुआ है जो इस क्रिकेट थ्योरी के पीछे एक विशेष साजिश की ओर इशारा जरूर करता है. खबर के मुताबिक़, साल 2005 में भारत-पाक क्रिकेट सीरीज देखने के बहाने देश में दाखिल हुए 56 पाकिस्तानी गुम हो गए थे. खुफिया एजेंसियों को शक है कि इनमें से कई लोग पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक की पाठशालाएं (स्लीपिंग मॉड्यूल) चला रहे हैं.

खुफिया सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि क्रिकेट फैन बनकर भारत-पाकिस्तान का मैच देखने भारत आये ये पाकिस्तानी हिंदुस्तान को तबाह कर रहे हैं तथा पाकिस्तान में मौजूद अपने आकाओं के इशारे पर भोले-भाले युवाओं को बरगला कर आतंकी गतिविधियों में धकेलने का काम कर रहे हैं. गृह मंत्रालय ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों को लापता पाकिस्तानियों की सूची के साथ ही उनके पासपोर्ट और वीजा नंबर भेजकर इन्हें खोजने का हुक्म दिया है. सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय के सर्कुलर में बताया गया है कि क्रिकेट मैच देखने आए पाकिस्तानियों की संख्या करीब छह हजार थी. बाकी तो सीरीज खत्म होने के बाद पाकिस्तान लौट गए लेकिन 56 पाक नागरिक अपने देश नहीं लौटे. खुफिया एजेंसियों को मिले गृह मंत्रालय के पत्र के अनुसार मोहाली से 11, बंगलौर से 29 तथा दिल्ली व कानपुर से 16 पाकिस्तानी नागरिक स्थानीय खुफिया एजेंसियों की आंखों से ओझल हो गए थे. इनका आज तक पता नहीं चल सका है.

बताया अग्या है कि ये न तो आज तक पाकिस्तान लौटे और न ही देश में कहीं पुलिस या खुफिया एजेंसियों के हत्थे चढ़े हैं. इन सभी के वीजा एक्सपायर हो चुके हैं. लापता होने वाले पाक नागरिकों में लाहौर, इस्लामाबाद सहित पाकिस्तान के तमाम शहरों के नागरिक शामिल हैं. गृह मंत्रालय के ताजा पत्र में आशंका जताई गई है कि ये पाकिस्तानी नागरिक आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं और वेस्ट यूपी के शहर और कस्बों में बेहद गोपनीय तरीके से आतंकी ऑपरेशन चला रहे हैं. लापता पाकिस्तानियों में से अधिकांश युवा हैं और वेस्ट यूपी में युवाओं को बरगला कर आतंक की राह पर भेजने की कोशिशों में जुटे हैं.

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *