विराट की सेना ने रचा इतिहास, पहली बार ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीता भारत

आखिरकार विराट की सेना ने वो कर दिखाया जिसका इन्तजार पूरे देश को था. ऑस्ट्रेलियाई धरती कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने वो कर दिखाया है जिसे न तो सुनील गावस्कर की टीम कर पाई और न हरे सौरव गांगुली तथा महेंद्र सिंह धोनी की टीम. विराट कोहली की कप्तानी में भारत के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 टेस्ट मैचों की सीरीज को 2-1 से जीत लिया है. ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती है. सिडनी में खेला गया चौथा तथा आखिरी टेस्ट मैच जैसे ही ड्रा घोषित किया गया. सीरीज में तीन शतक तथा 1 अर्धशतक के साथ सर्वाधिक 521 रन बनाने वाले चेतेश्वर पुजारा को मैन ऑफ़ द मैच तथा मैन ऑफ़ द सीरीज घोषित किया गया. सिडनी टेस्ट में पुजारा ने 193 रनों की मैराथन पारी खेली थी.

भारत सिडनी में खेला गया चौथा और टेस्ट भी जीतने की ओर था लेकिन बारिश ने ऑस्ट्रेलिया की इज्जत बचा ली. टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी 7 विकेट के नुकसान पर 622 रनों पर घोषित की थी,  जिसके बाद भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव तथा रविन्द्र जडेजा की फिरकी में फंसकर चौथे दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम 300 रन पर सिमट गई तथा भारत को 322 रन की लीड मिली. इसके बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन खिलाया लेकिन बारिश के कारण केवल 4 ओवर खेल हो सका. वहीं आज पांचवे दिन एक भी गेंद नहीं फेंकी  जा सकी और मैच ड्रा हो गया. सिडनी टेस्ट में जहाँ पुजारा ने 193 रन बनाये  वहीं ऋषभ पन्त ने नाबाद 159 रन की पारी  खेली. ओपनर मयंक अग्रवाल    ने 77 तथा रविन्द्र जडेजा ने 81 रनों का    योगदान दिया. गेंदबाजी में कुलदीप यादव ने 5, जडेजा तथा मोहम्मद शमी ने 2-2 तथा बुमराह ने 1 विकेट हासिल किया.

भारत ने एडिलेड में पहला टेस्ट मैच 31 रन से जीता था. ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में दूसरे टेस्ट मैच में 146 रन से जीतकर वापसी की, लेकिन भारत ने मेलबर्न में तीसरा मैच 137 रन से जीता और सीरीज में 2-1 की बढ़त बनाई जो आखिर में निर्णायक साबित हुई तथा भारत ने 2-1 के साथ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया.

भारत की जीत के 5 हीरो

चेतेश्वर पुजारा- भारत की जीत में सबसे अहम योगदान चेतेश्वर पुजारा का रहा. पुजारा ने सीरीज में सबसे ज्यादा 74.42 के औसत से 521 रन बनाए. पुजारा ने सीरीज में 3 शतक लगाए वहीं उनके बल्ले से एक अर्धशतक भी निकला. जब-जब टीम इंडिया मुसीबत में थी पुजारा ने ना सिर्फ टीम इंडिया को संभाला बल्कि उन्होंने अपने अहम योगदानों से भारत को ऐतिहासिक जीत भी दिलाई.

जसप्रीत बुमराह- भारत की जीत की स्क्रिप्ट तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने भी लिखी. बुमराह की कहर बरपाती यॉर्कर और बाउंसर्स ने कंगारुओं को चारों खाने चित कर दिया. उन्होंने महज 17 की औसत से 4 टेस्ट में सबसे ज्यादा 21 विकेट झटके. उन्होंने एक बार पारी में 6 विकेट लिए. नई गेंद हो या पुरानी गेंद बुमराह ने हमेशा टीम इंडिया को अहम मौकों पर कामयाबी दिलाई.

रिषभ पंत- ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले कहा जा रहा था कि रिषभ पंत के अंदर टेस्ट खेलने का दम नहीं है और साथ ही उनकी विकेटकीपिंग पर भी सवाल उठ रहे थे. हालांकि बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने सभी को गलत साबित कर दिया. रिषभ पंत ने सीरीज में 58.33 के औसत से 350 रन बनाए. सिडनी टेस्ट की पहली पारी में पंत ने शानदार सैकड़ा जड़ा. सीरीज में उन्होंने कुल 20 कैच लपके.

मोहम्मद शमी- भले ही मोहम्मद शमी सुर्खियों में नहीं रहे लेकिन सीरीज में उनका योगदान किसी भी भारतीय खिलाड़ी से कम नहीं है. शमी ने सीरीज में कुल 16 विकेट लिए. वो पुरानी गेंदों से विकेट लेने के लिए जाने जाते हैं और पूरी सीरीज में उन्होंने ऐसा ही किया. वो विकेट लेने के मामले में तीसरे नंबर पर रहे.

विराट कोहली- भारत को ऑस्ट्रेलिया पर ये ऐतिहासिक जीत विराट कोहली की कप्तानी के बिना नहीं मिल सकती थी. विराट कोहली ने अपनी आक्रामक कप्तानी से एक बार फिर साबित कर दिया कि इससे टीम इंडिया को फायदा ही होता है. विराट कोहली और टीम इंडिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और पूर्व खिलाड़ियों की ओर से कटाक्ष हो रहे थे लेकिन टीम इंडिया के इनकी परवाह किए बिना टीम को आगे बढ़ाया और उसे ऐतिहासिक जीत भी दिलाई. साथ ही विराट कोहली 40.28 के औसत से 282 रन भी बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक भी शामिल है.

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