UP के वो जिले जहाँ तेजी से घाट रहे हिन्दू, वहीं तेजी से बढ़ रहा आतंकवाद.. जानिये उन जिलों का आतंकी कनेक्शन

पुलवामा आतंकी हमले के बाद जहाँ सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें एक बार पुनः उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से पर टिक गई हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वो जिले जहाँ तेजी से हिन्दू आबादी घटी है, इस्लामिक आतंकियों के पनाहगार के रूप में सामने आये हैं. वैसे तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहले भी आतंक से कनेक्शन जुड़ चुका है लेकिन पुलवामा आतंकी हमले के बाद एक बार पुनः पश्चिमी उत्तर प्रदेश का इस्लामिक आतंक से संबंध सामने आया है. इसका कारण है सहारनपुर के देबवंद से गिरफ्तार इस्लामिक दल जैश ए मोहम्मद के दो आतंकी.

जी हाँ, हाल ही में सहारनपुर के देबवंद से शाहनवाज अहमद तेली और आकिब मलिक नामक जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो आतंकी पकड़े गए है. ख़ुफ़िया एजेंसियों को पता चला है कि अभी तक इन आतंकियों का मकसद वेस्टर्न यूपी का अपनी शरणस्थली के तौर पर इस्तेमाल करते थे लेकिन इसबार ये युवाओं को बहलाकर देश में बड़े पैमाने पर धमाके कराने के साथ इन्हें अपने संगठनों में शामिल करना चाहते थे. यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब यह जानकारी जुटा रही हैं कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर और मेरठ जिलों में जैश की सक्रियता के बाद कितने लोगों को यह अपने दहशतगर्दी के प्लान के तहत जोड़ पाए हैं.

गौरतलब है कि वेस्ट यूपी आतंकियों के लिए सॉफ्ट टारगेट रहा है. ऑपरेशन ‘आतंकी नेटवर्क नेस्तानाबूद’ से जुड़े सूत्रों का कहना है किमेरठ और हापुड़ जिले में में एक- एक, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, मुजफरनगर और अमरोहा जिले में दो-दो कस्बों में शाहनवाज और साकिब का गहरा कनेक्शन रहा. ये दोनों यहां के युवाओं से कहते थे कि इस्लाम खतरे में है उसे बचाने के लिए आतंकी बनाने की साजिश को अंजाम दे रहे थे. ये दोनों बेहद ही लग्जरी जिंदगी गुजार रहे थे. सूत्रों का कहना है कि ये दोनों धार्मिक तालीम हासिल करने वाले युवाओं को अपना निशाना बनाते रहे है. ज्यादा युवाओं को जोड़ने के लिए ये युवाओं को दावत खिलाते थे.

ये भी पता चला है कि ये निजी हॉस्टल में आतंकी ट्रैनिंग से जुड़ी विडियो और ऑडियो के साथ पाक मे बैठे कई आतंकियों की धार्मिक स्पीच सुनाकर भी उन्हें अपनी तरफ आकर्षित करते थे. साथ ही युवाओं से कहते थे कि इस्लाम के लिए कुर्बानी देने वाली के परिवार की हमारे आका (जैश के पदाधिकारी) ख्याल रखते हैं. फिलहाल जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये पता लगाना है कि इनदहशतगर्दों ने कितने युवाओं को जैश से जोड़ा हैं. वैसे सूत्रों के मुताबिक वेस्ट यूपी के 6 जिलों के 12 कस्बों में करीब 50 युवाओं को टारगेट करने की जानकारी जांच एजेंसियों को मिल रही है. इस बात का पता लगाने के लिएजिला स्तर के साथ दूसरी एजेंसियां पड़ताल करने में जुटी हैं.

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