एक बेचारी महिला जो झेल रही थी शौहर के साथ तलाक, देवर के साथ निकाह व ससुर के साथ हलाला का दवाब..

समझ नहीं आता कि आखिर वह कौन सी सोच है जो महिलाओं को एक खिलौना समझती है, उन्हें मनोरंजन का साधन मात्र समझती है? कभी ये सोच जबरन बलात्कार को अंजाम देती है तो कभी कुप्रथाओं के नाम पर अपनी हवस मिटाने के लिए रिश्ते नातों की मर्यादा को तार-तार कर देती है. ऐसा ही एक शर्मशार करने वाला मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सामने आया है जहाँ  एक मुस्लिम महिला को आपने देवर, आपने ससुर के साथ हमबिस्तर होने का दवाब बनाया गया.

मामला मुरादाबाद के मैनाठेर स्थित इमरतपुर उधौ का है जहाँ की नाजरीन नामक महिला भतील तलाक-हलाला के भंवर में फंस गईं. रविवार को मदद के लिए तीन तलाक पीड़ितों की पैरोकार समीना बेगम ने गांव में पहुंचकर नाजरीन की दास्तां सुनी और उसे न्याय का भरोसा दिलाया. समीना के मुताबिक, मंगलवार को ससुर, पति, देवर, सास और ननद नाजरीन के घर पहुंचे थे और तय किया कि नाजरीन को देवर के साथ हलाला करना होगा, तब दोबारा से उसके शौहर रियासत से निकाह करा दिया जाएगा. नाजरीन ने मना किया तो शर्त रखी गई कि यदि देवर पसंद न हो तो ससुर से भी हलाला कर सकती है. नाजरीन के इन्कार करने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने थप्पड़ जड़ दिए. समीना ने बताया कि वह ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कराएंगी. इसकी शिकायत संबंधित थाने में कर दी गई है.

पीडिता नाजरीन ने बताया कि पांच जून 2011 को उसका निकाह सम्भल के नक्सा थाने के हिमामपुर निवासी रियासत से हुआ था. निकाह के बाद से ही देवर सलमान बुरी नजर रखने लगा था.  पति से देवर की शिकायत करने पर उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया तथा कहा कि चाहे तो देवर से निकाह कर ले लेकिन उसने मना कर दिया. नाजरीन के दो बेटे और एक बेटी हैं. डेढ़ साल पहले नाजरीन ने थाने में तहरीर दी, तो परिवार के लोग समझौता करने के बाद उसे वापस ले गए. फिर तीनों बच्चों को छींनने के बाद घर से निकाल दिया तथा अब देवर या ससुर के साथ हलाला का दवाब बनाया जा रहा है.

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