ससुर से हलाला करवा चुकी बीबी के साथ देवर भी जिद करने लगा हलाला की.. लेकिन तब तक धैर्य खो दिया उसने

क्या वास्तव में स्त्री कोई खिलौना है कि उसके साथ जैसे चाहो खिलवाड़ करो क्योंकि इस महिला के साथ तो यही हुआ. उसका निकाह हुआ तो निकाह के दो साल बाद ही तीन तलाक दिया गया, रहम की भीख मांगी तो शौहर दोबारा निकाह के लिए तैयार हुआ लेकिन शर्त रखी कि उसके पिता से हलाला करना होगा. मजबूरी में ससुर के साथ हलाला करना पड़ा. कुछ साल जैसे-तैसे फिर गुजरे मगर पिछले साल शौहर ने फिर तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया. फरियादों और गुहार के एक लंबे दौर के बाद शौहर फिर दोबारा निकाह के लिए तैयार हुआ लेकिन इस बार उसने अपने छोटे भाई के साथ हलाला करने की शर्त रखी. इस जुल्म को महिला सह नहीं पाई तथा उसने देवर के साथ हलाला करने से इंकार कर दिया और यह कहकर अपनी बहन के घर रहने चली गई कि वह अब और अपना तमाशा नहीं बनवा सकती. बता दें कि महिला के माता पिता नहीं है.      

मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का है. खबर के मुताबिक़, मुरावपुरा में रहने वाली इस युवती ने रविवार को आला हजरत खानदान की बहू निदा खान की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सामने आपबीती बयान की. उसने बताया कि नौ साल पहले 2009 में उसका सुर्खा रजा चौक में रहने वाले वसीम हुसैन से निकाह हुआ था. कुछ समय बाद ही शौहर उसके साथ बेवजह मारपीट करने लगा. 2011 में अचानक एक दिन उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया. काफी फरियादों और बातचीत के बाद वसीम उससे दुबारा निकाह के लिए तैयार हुआ, लेकिन उसने जब अपने पिता के साथ हलाला करने की शर्त रखी तो वह सन्न रह गई. गुजर-बसर का कोई और रास्ता नहीं था इसलिए उसे अपने ससुर के साथ हलाला करने को मजबूर होना पड़ा. हलाला के बाद वसीम ने उससे निकाह तो कर लिया, लेकिन उसे प्रताड़ित करना नहीं बंद किया. युवती ने बताया कि वह वसीम की ज्यादतियां अपना नसीब समझकर बर्दाश्त करती रही, लेकिन फिर भी पिछले साल वसीम ने उसे दुबारा तलाक देकर घर से निकाल दिया.
युवती ने बताया कि उसने वसीम के आगे दोबारा रहम की भीख मांगी तो वसीम ने इस बार अपने भाई के साथ हलाला करने की बात कही. मगर उसने यह कहकर इंकार कर दिया कि न वह और जलालत झेलेगी न तमाशा बनेगी। इसके बाद वह अपनी बहन के घर रह रही है. शौहर के खिलाफ मारपीट कर घर से निकालने की एफआईआर भी करा दी है. पीड़ित युवती ने कहा कि उसने अपने ससुर के साथ मजबूरी में हलाला कर लिया था. वजह यह थी कि कहीं और आसरा मिलने का ठिकाना ही नहीं था. समस्या यह थी कि उसके मां-बाप नहीं है. भाइयों से भी कोई खास मदद नहीं मिली. मगर अब देवर के साथ हलाला करने की शर्त से वह बहुत ज्यादा शर्मिंदा महसूस कर रही है. उसने कहा कि वह देवर से हलाला नहीं करेगी. पीड़िता का कहना है कि मोदी जी तथा योगी जी से निवेदन करती है कि उसको न्याय मिले तथा उसके शौहर व उसके परिवार को, जिंन्होने उसकी जिंदगी को नरक बनाया, सभी को कड़ी सजा दी जाये.

Share This Post

Leave a Reply